परीक्षा सुधार आंदोलन का समाधान संवैधानिक प्रक्रिया से हो : प्रो. जसीम मोहम्मद

टीएनएन समाचार। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व मीडिया सलाहकार प्रो. जसीम मोहम्मद ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नाम एक खुला पत्र जारी करते हुए उनसे परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चल रहे आंदोलन को संवैधानिक संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं ने देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य और विश्वास को प्रभावित किया है तथा इस समस्या का समाधान कानून और संस्थागत सुधारों के माध्यम से ही संभव है।
प्रो. जसीम मोहम्मद ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों में दोषियों के विरुद्ध फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन और कठोर कार्रवाई के आश्वासन का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने संवाद की पहल करते हुए दो केंद्रीय मंत्रीओ को सोनम वांगचुक से वार्ता के लिए भेजा, जो लोकतांत्रिक समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम है।
प्रो जसीम मोहम्मद ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का महत्वपूर्ण अधिकार है, लेकिन इससे आम नागरिकों के जीवन, यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। विरोध प्रदर्शन संविधान और कानून की मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए।
प्रो. जसीम मोहम्मद ने सोनम वांगचुक से अपने समर्थकों और छात्रों से शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त करने और संवाद के माध्यम से परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य की रक्षा, कानून के शासन और रचनात्मक सहयोग से ही स्थायी एवं प्रभावी सुधार संभव हैं।



