भाषाविज्ञान विभाग ने दीक्षारंभ कार्यक्रम के माध्यम से नए विद्यार्थियों का स्वागत किया

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भाषाविज्ञान विभाग ने कला संकाय लाउंज में “दीक्षारंभः अभिमुखीकरण-सह-विद्यार्थी प्रवेश कार्यक्रम-2026” का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित स्नातक और परास्नातक विद्यार्थियों का स्वागत करना तथा उन्हें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना था।
एएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज मुख्य अतिथि तथा कला संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद रिजवान खान विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाषाविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. एम. जे. वारसी ने की, जबकि इसका समन्वय डॉ. मेहविश मोहसिन ने किया। कार्यक्रम में विभाग के अध्यक्ष, शिक्षक, शोधार्थी और नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
प्रो. मोहम्मद गुलरेज ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए आत्मविश्वास, धैर्य और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और अवसरों का रचनात्मक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने नैतिक मूल्यों, अपनी गलतियों से सीखने और मूल्य आधारित शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी विभागों में ऐसे प्रवेश कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए।
प्रो. मोहम्मद रिजवान खान ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालयी जीवन के साथ सहज रूप से जुड़ने में मदद करते हैं। उन्होंने वरिष्ठ और कनिष्ठ विद्यार्थियों के बीच सार्थक संवाद, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी विशेषज्ञता का क्षेत्र सोच-समझकर चुनने और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने की सलाह दी।
इससे पहले प्रो. एम. जे. वारसी ने नए विद्यार्थियों का स्वागत किया और उन्हें शिक्षकों तथा वरिष्ठ विद्यार्थियों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखने तथा विश्वविद्यालय की सुविधाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने एएमयू की शैक्षणिक विरासत और भारत की समृद्ध विद्वत परंपरा का उल्लेख करते हुए भाषाविज्ञान के क्षेत्र में पाणिनि के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से चुनौतियों का सकारात्मक रूप से सामना करने, गलतियों से सीखने और शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी ध्यान देने का आह्वान किया।
विभाग के शोधार्थियों ने प्रो. वारसी को वर्ष 2025 का “लिंग्विस्ट ऑफ द ईयर” पुरस्कार प्राप्त करने पर सम्मानित किया और उनके मार्गदर्शन तथा विभाग के शैक्षणिक एवं बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान की सराहना की।
डॉ. पल्लव विष्णु ने धन्यवाद ज्ञापित किया।



