प्रसिद्ध शायर व साहित्यकार डॉ. उवैस जमाल शम्सी को मानद डॉक्टरेट, साहित्यिक जगत में खुशी
अलीगढ़, 04 सितंबर (मोहम्मद कामरान)
प्रसिद्ध शायर व साहित्यकार डॉ. उवैस जमाल शम्सी को नॉर्थ वेस्ट लंदन यूनिवर्सिटी की ओर से मानद डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी, ऑनर्स कॉज़ा) की उपाधि प्रदान किए जाने पर हरफ़ज़ार लिटरेरी सोसाइटी के तत्वावधान में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता मोहम्मद अहमद शेवन ने की।
समारोह के दौरान साहित्यकारों और शायरों ने डॉ. उवैस जमाल शम्सी को इस महत्वपूर्ण सम्मान के लिए हार्दिक बधाई दी तथा उर्दू भाषा, साहित्य और शायरी के क्षेत्र में उनकी दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय सेवाओं की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. उवैस जमाल शम्सी अलीगढ़ की समकालीन उर्दू शायरी की एक महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित आवाज हैं। उन्होंने अपनी शायरी के साथ-साथ विभिन्न साहित्यिक गतिविधियों, मुशायरों तथा पुस्तकों के संपादन और संकलन के माध्यम से भी उर्दू साहित्य की उल्लेखनीय सेवा की है।
डॉ. उवैस जमाल शम्सी का जन्म वर्ष 1960 में अलीगढ़ में हुआ। उनकी साहित्यिक पहचान में शायरी के अलावा संपादक और संकलनकर्ता के रूप में उनकी सेवाएं भी शामिल हैं। उनसे जुड़े प्रमुख साहित्यिक संकलनों में ‘शहर-ए-अल्फ़ाज़’, ‘तिलिस्म’, ‘अल्फ़ाज़ का तिलिस्म’, ‘जहात-ए-मुजीब’ तथा ‘उर्दू के बेहतरीन अफ़साने’ विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। उनकी ग़ज़लों में मानवीय रिश्ते, स्वतंत्र विचार, जीवन के विभिन्न अनुभव और सामाजिक परिस्थितियों जैसे विषय प्रमुख रूप से दिखाई देते हैं।
हरफ़ज़ार लिटरेरी सोसाइटी के सूत्रधार डॉ. मुजीब शहज़र ने कहा कि अलीगढ़ की शानदार और प्राचीन साहित्यिक परंपरा को जीवित रखने में डॉ. उवैस जमाल शम्सी जैसे साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। समारोह के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद शेवन ने कहा कि डॉ. उवैस जमाल शम्सी की साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियां नई पीढ़ी को उर्दू भाषा और साहित्य से जोड़ने तथा उर्दू की साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हो रही हैं।
समारोह में वरिष्ठ शायर डॉ. मुजीब शहज़र, प्रोफेसर वसी बिलाल बेग, डॉ. कमाल अहमद मुजीबी, फ़राज़ मुजीब और मोहम्मद कामरान सहित अन्य साहित्यकार, शायर और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ फ़राज़ मुजीब द्वारा पवित्र कुरआन की तिलावत से हुआ, जबकि डॉ. कमाल मुजीबी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों ने डॉ. उवैस जमाल शम्सी को मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिलने पर बधाई दी और उर्दू भाषा एवं साहित्य के लिए उनकी बहुमूल्य सेवाओं की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।




