वसीम बरेलवी को यह सम्मान उर्दू अदब, भारतीय साहित्य और साझा सांस्कृतिक विरासत का गौरव; अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल ने दी बधाई

उर्दू के प्रख्यात शायर एवं साहित्यकार प्रो. वसीम बरेलवी को आईटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर के 11वें दीक्षांत समारोह में डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी.लिट.)  मानद उपाधि प्रदान किए जाने पर अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल के मैनेजिंग ट्रस्टी प्रो. जसीम मोहम्मद ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं.

प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि प्रो. वसीम बरेलवी का सम्मान केवल एक प्रतिष्ठित साहित्यकार का सम्मान नहीं, बल्कि उर्दू भाषा, भारतीय साहित्यिक परंपरा और देश की साझा सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण अभिनंदन है। छह दशकों से अधिक की उनकी साहित्यिक साधना ने ग़ज़ल को मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और जीवन-दर्शन की प्रभावशाली अभिव्यक्ति बनाया है.

प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि प्रो. वसीम बरेलवी की शायरी भाषा की सीमाओं से परे जाकर दिलों को जोड़ती है और इंसानियत, मोहब्बत, आत्मसम्मान तथा सामाजिक सद्भाव का संदेश देती है। उनकी रचनाएँ भारतीय साहित्य की उस समृद्ध परंपरा का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिसमें शब्द केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को बेहतर बनाने का माध्यम भी बनते हैं।

प्रो. मोहम्मद ने कहा कि आईटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर द्वारा प्रदान की जाने वाली यह मानद उपाधि प्रो. वसीम बरेलवी के दीर्घकालीन साहित्यिक योगदान और उर्दू भाषा एवं संस्कृति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण सम्मान है। ऐसे सम्मान नई पीढ़ी को साहित्य, भाषा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा देते हैं।

अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल परिवार की ओर से प्रो. वसीम बरेलवी साहब के स्वस्थ, सुखमय एवं सृजनशील जीवन की कामना करते हुए प्रो. जसीम मोहम्मद ने आशा व्यक्त की कि उनकी कलम आने वाली पीढ़ियों को साहित्यिक उत्कृष्टता, मानवीय संवेदना और सांस्कृतिक सद्भाव की राह दिखाती रहेगी।

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