केरल के नवजागरण पर सर सैयद अहमद खान के विचारों के प्रभाव पर व्याख्यान

 

सर सैयद अहमद खान के प्रगतिशील विचारों और शिक्षा संबंधी दृष्टिकोण ने केरल में सामाजिक एवं सांस्कृतिक जागरण को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह बात प्रसिद्ध लेखक, विद्वान और विचारक डॉ. अजीज थरुवाना ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के मलयालम अनुभाग द्वारा सर सैयद दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित शैक्षणिक व्याख्यान में कही। उन्होंने “केरल नवजागरण और सर सैयद अहमद खान” विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया।
कोझिकोड स्थित फारूक कॉलेज के मलयालम विभागाध्यक्ष डॉ. थरुवाना ने समुदाय के सशक्तीकरण में आधुनिक शिक्षा और तार्किक चिंतन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शैक्षणिक सुधारों की सर सैयद की पैरवी का प्रभाव भाषाई और क्षेत्रीय सीमाओं से परे तक पहुंचा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के माध्यम से अंधविश्वास और सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देने का सर सैयद का दृष्टिकोण आज भी प्रासंगिक है।
डॉ. थरुवाना प्रतिष्ठित शिक्षाविद और लोक-साहित्य के विशेषज्ञ हैं। उनके शोधपरक ग्रंथ ‘वायनाडन रामायणम’ और वृत्तचित्रों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
आधुनिक भारतीय भाषा विभाग की अध्यक्ष प्रो. ए. नुजुम ने अध्यक्षीय संबोधन दिया। मलयालम अनुभाग के प्रभारी रफसल बाबू सी. वी. ने स्वागत किया, जबकि तमिल अनुभाग के प्रभारी एवं सहायक प्रोफेसर डॉ. आर. तमिल सेल्वम ने अतिथियों का अभिनंदन किया। अरबी विभाग के शोधार्थी महबूब तालीपरंबा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button