एएमयू के समाज कार्य विभाग में अंतर्राष्ट्रीय देखभाल एवं सहयोग दिवस पर विस्तार व्याख्यान आयोजित

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग ने सामाजिक विज्ञान संकाय के सम्मेलन कक्ष में ‘अंतर्राष्ट्रीय देखभाल एवं सहयोग दिवस’ पर विश्वविद्यालय विस्तार व्याख्यान आयोजित किया। इसमें देखभाल से जुड़ी चुनौतियों, देखभाल अर्थव्यवस्था और कमजोर वर्गों की जरूरतों को पूरा करने में समाज कार्य की बदलती भूमिका पर चर्चा की गई।
दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क की प्रख्यात विद्वान प्रो. अर्चना कौशिक ने व्याख्यान दिया। समाज कार्य विभाग के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद ताहिर ने अतिथि वक्ता और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने व्यावसायिक विकास और व्यक्तिगत उन्नति के लिए इस विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
प्रो. कौशिक ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के ‘5आर’ ढांचे को देखभाल संबंधी चुनौतियों से निपटने का एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण बताया। इसमें देखभाल कार्य को मान्यता देना, उसका बोझ कम करना, जिम्मेदारियों का समान वितरण करना, उचित पारिश्रमिक देना और देखभाल कर्मियों को अपनी बात रखने का अवसर देना शामिल है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी सामाजिक-आर्थिक समस्याओं, सामाजिक संस्था के रूप में परिवार की बदलती भूमिका, मौजूदा देखभाल व्यवस्थाओं की कमियों और देखभाल अर्थव्यवस्था की उभरती अवधारणा पर भी चर्चा की।
अध्यक्षीय संबोधन में एएमयू के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. अरशी खान ने देखभाल करने वालों और देखभाल प्राप्त करने वाले लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मानव जीवन में प्राथमिक और द्वितीयक वस्तुओं की अवधारणाओं पर चर्चा करते हुए समसामयिक सामाजिक महत्व के विषय पर व्याख्यान आयोजित करने के लिए समाज कार्य विभाग की सराहना की।
कार्यक्रम में समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद अकरम, अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. एम. फिरदौस अहमद तथा महिला अध्ययन उन्नत केंद्र की डॉ. तौसीफ फातिमा और शीराज अहमद उपस्थित रहे। समाज कार्य में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के शोधार्थियों और विद्यार्थियों के साथ सामाजिक विज्ञान संकाय के स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों ने भी भाग लिया।
विश्वविद्यालय विस्तार व्याख्यान के समन्वयक प्रो. मोहम्मद मुहीबुल हक ने कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया। विस्तार व्याख्यान की संयोजक डॉ. अंदलीब ने सत्र का संचालन किया, जबकि डॉ. कुर्रतुल ऐन अली ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
समाज कार्य विभाग की शिक्षिकाओं और शिक्षकों डॉ. शायना सैफ, डॉ. मोहम्मद आरिफ खान, डॉ. मोहम्मद उजैर और डॉ. समीरा खानम ने कार्यक्रम के आयोजन में योगदान दिया।
व्याख्यान में देखभाल संबंधी कार्यों को मान्यता देने, वरिष्ठ नागरिकों और देखभाल करने वालों के लिए सहायता व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने तथा सामाजिक जरूरतों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने के महत्व पर जोर दिया गया।



