नेशनल वन हेल्‍थ मिशन की वैज्ञानिक संचालन समिति की दूसरी बैठक 15 अप्रैल 2025 को आयोजित की गई

टीएनएन समाचार : बैठक में डीएचआर सचिव और आईसीएमआर के डीजी डॉ. राजीव बहल; पीएसए कार्यालय के वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनी; आयुष सचिव श्री राजेश कोटेचा; केरल के मुख्य अतिरिक्‍त सचिव (स्वास्थ्य) डॉ. राजन खोबरागड़े; गुजरात के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) श्री धनंजय द्विवेदी; राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्‍द्र (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. रंजन दास; भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ एंड सीसी) के वरिष्ठ प्रतिनिधि; पीएसए कार्यालय, पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी); जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी); विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी); वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर); रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ); राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस), आयुष मंत्रालय, एनसीडीसी, नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ वन हेल्‍थ (एनआईओएच); फार्मास्यूटिकल्स विभाग (डीओपी) और राज्य के प्रतिनिधि शामिल हुए।

समिति ने अनेक महत्वपूर्ण पहलों पर चर्चा की जो वन हेल्थ मिशन के कार्यान्वयन में योगदान देती हैं और इन प्रयासों को किस प्रकार अधिकतम प्रभाव के लिए पुनः तैयार किया जा सकता है।

वैज्ञानिक संचालन समिति के सदस्य के रूप में नामित दो राज्यों गुजरात और केरल ने अपनी कार्यक्रम संबंधी पहलों और मौजूदा शासन तंत्र का प्रदर्शन किया। अध्यक्ष ने राज्य की भागीदारी के महत्व पर जोर दिया और वन हेल्थ दृष्टिकोण को लागू करने के लिए विभिन्न तौर-तरीकों की खोज की प्रासंगिकता का उल्लेख किया। राज्यों को मिशन की पहलों से जुड़े पायलट कार्यक्रमों की रणनीति बनाने और डिजाइन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस बैठक का एक और महत्वपूर्ण आकर्षण कार्य के विभिन्न क्षेत्रों के संचालन के लिए गठित सलाहकार और समीक्षा (ए एंड आर) समितियों के परिणामों की प्रस्तुति थी। चार ए और आर समितियों के अध्यक्षों – जैव-सुरक्षा स्तर (बीएसएल) 3/4 प्रयोगशाला नेटवर्क (लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) माधुरी कानिटकर की अध्यक्षता में), प्रौद्योगिकी संवर्धित एकीकृत निगरानी और प्रकोप जांच (डॉ एनके अरोड़ा की अध्यक्षता में), चिकित्सा प्रतिवाद पर अनुसंधान और विकास (डॉ रेणु स्वरूप की अध्यक्षता में) और डेटाबेस का एकीकरण और डेटा साझाकरण (डॉ विजय चंद्रू की अध्यक्षता में) – ने अपने-अपने आदेशों को प्राप्त करने के लिए प्रारंभिक रोडमैप से संचालन समिति को अवगत कराया और सभी हस्तक्षेपों के लिए वन हेल्थ लेंस को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक में मिशन के अंतर्गत परियोजनाओं के लिए वित्त पोषण तंत्र पर भी चर्चा की गई, जिसमें निगरानी पद्धतियों, वन हेल्थ महत्व के रोगों के लिए टीके, निदान और मोनोक्लोनल जैसे अनुसंधान एवं विकास उपायों के विकास पर ध्यान केन्‍द्रित किया गया; पशु रोग मॉक ड्रिल की योजना; क्रॉस-लर्निंग प्लेटफॉर्म बनाकर राज्य की सहभागिता बढ़ाने पर नवीनतम जानकारी दी गई।

अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि मिशन की गतिविधियों को बड़े पैमाने पर ले जाने के लिए सभी हितधारकों से निरंतर सहयोग, नवाचार और अनुकूलनशीलता की आवश्यकता है।

बैठक के दौरान, नेशनल वन हेल्‍थ मिशन को समर्पित विज्ञान धारा’ का एक विशेष संस्करण प्रदर्शित किया गया, जो इस बहु-मंत्रालयी सहयोगात्मक प्रयास के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है। इसके अलावा बैठक में मिशन के दृष्टिकोण, विविध हितधारकों और व्यापक लक्ष्यों को समाहित करने वाला एक वीडियो भी जारी किया गया। 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button