एएमयू शिक्षा विभाग की कार्यशाला में एनईपी-2020, कौशल विकास और रोजगार के बढ़ते अवसरों पर चर्चा

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा कॉन्फ्रेंस हॉल में “एनईपी-2020, कौशल विकास, उद्यमिता और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रोजगार के बढ़ते अवसर” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार के बदलते परिदृश्य से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा विभाग की अध्यक्ष प्रो. नखत नसरीन ने की, जबकि डॉ. अजय वर्धन आचार्य, क्षेत्रीय निदेशक एवं प्रमुख, इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, अलीगढ़, रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित रहे। एसोसिएट प्रोफेसर,डॉ. मेहम्मद हनीफ अहमद कार्यक्रम के आयोजन सचिव थे।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ. अजय वर्धन आचार्य ने वर्तमान सामाजिक-आर्थिक परिवेश में कौशल-आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उच्च एवं शिक्षक शिक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के प्रभावों की चर्चा करते हुए बहुविषयक शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारपरकता पर इसके विशेष जोर को रेखांकित किया।
प्रो. नखत नसरीन ने डॉ. अजय वर्धन आचार्य का स्वागत करते हुए एनईपी-2020 के उद्देश्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नीति का प्रभावी क्रियान्वयन छात्रों को प्रासंगिक दक्षताओं, उद्यमशील कौशल और रोजगार के बदलते परिदृश्य की आवश्यकताओं का सामना करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रिसोर्स पर्सन का स्वागत एवं परिचय डॉ. मोहम्मद हनीफ अहमद ने प्रस्तुत किया। उन्होंने शिक्षा, कौशल, उद्यमिता और रोजगार के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि विद्यार्थी कार्यक्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
कार्यशाला में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्वरोजगार एवं रोजगार के उभरते अवसरों, करियर विकास कार्यक्रमों, उद्यमिता नीतियों तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न सरकारी पहलों पर भी चर्चा की गई। डॉ. आचार्य ने विद्यार्थियों को उद्यमिता और स्वरोजगार को व्यावहारिक करियर विकल्पों के रूप में अपनाने तथा उपलब्ध अवसरों के आधार पर सूचित निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।
विकसित भारत /2047 और विकसित उत्तर प्रदेश /2047 की परिकल्पना पर चर्चा करते हुए कुशल, नवाचारी और आर्थिक रूप से उत्पादक युवा कार्यबल तैयार करने पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों को व्यावहारिक दक्षताओं, उद्यमशील सोच, अनुकूलन क्षमता और करियर जागरूकता विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन फोजिया, उपाध्यक्ष, एजुकेशन सोसाइटी, तथा अदनान उस्मानी, कैबिनेट सदस्य, एजुकेशन सोसाइटी, ने किया। कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रो. पूनम चैहान ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

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