शिक्षक हितों की अनदेखी का आरोप, एमएलसी प्रत्याशी धीरज सिंह ने सरकार और मौजूदा शिक्षक एमएलसी को घेरा
- अलीगढ़, 13 सितंबर (मोहम्मद कामरान)
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के आगरा शिक्षक क्षेत्र से एमएलसी प्रत्याशी धीरज सिंह ने रविवार को अलीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में शिक्षकों की समस्याओं को लेकर सरकार और मौजूदा शिक्षक एमएलसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को राष्ट्र का निर्माता कहा जाता है, लेकिन आज यही वर्ग मानसिक और आर्थिक शोषण का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि “शिक्षक का शोषण, राष्ट्र की नींव को कमजोर करने के समान है।”
धीरज सिंह ने कहा कि यदि उन्हें विधान परिषद पहुंचने का अवसर मिला तो सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूलों के साथ-साथ वित्तविहीन और निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की समस्याओं को मजबूती से सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को केवल चुनाव के समय याद करने के बजाय उनके स्थायी समाधान के लिए गंभीर कदम उठाए जाने चाहिए।
मौजूदा शिक्षक एमएलसी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें अलग-अलग वर्गों में बांटने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षक सरकारी स्कूल में पढ़ाता हो, एडेड स्कूल में या निजी स्कूल में, उसकी मूल पहचान शिक्षक की ही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के बीच किसी भी तरह का भेदभाव उनके हित में नहीं है। ठकुराई गुट का उद्देश्य सभी शिक्षकों को एक मंच पर लाकर उनके अधिकार, सम्मान और हितों के लिए संघर्ष करना है।
धीरज सिंह ने वित्तविहीन और निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में योग्य शिक्षक निजी स्कूलों में बेहद कम वेतन पर काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूलों में शिक्षकों को जून महीने का वेतन तक नहीं दिया जाता, जबकि छुट्टियों और अन्य कर्मचारी सुविधाओं को लेकर भी उचित व्यवस्था नहीं है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए न्यूनतम सम्मानजनक वेतन और स्पष्ट एवं सुरक्षित सेवा नियम निर्धारित किए जाएं। उन्होंने कहा कि एक ओर एडेड स्कूलों के शिक्षक अपने जायज अधिकारों और मांगों के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर निजी स्कूलों के शिक्षक कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं।
धीरज सिंह ने कहा कि “ठकुराई गुट शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा। आगरा शिक्षक क्षेत्र के प्रत्येक शिक्षक की आवाज विधान परिषद में मजबूती से उठाई जाएगी।”
एमएलसी प्रत्याशी ने सरकार से निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की सेवा शर्तों, वेतन, अवकाश और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रभावी नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षक आर्थिक रूप से सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन नहीं जी सकेगा, तब तक उससे बेहतर शैक्षिक परिणामों की उम्मीद करना मुश्किल होगा।
प्रेसवार्ता के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने भी शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को उठाया और आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर संगठन की रणनीति पर चर्चा की। इस अवसर पर डॉ. ओम प्रकाश, सुनील कुमार, डॉ. लक्ष्मी, पूनम कौशिक सहित संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे।




