शिक्षक दिवस पर अमूटा का धरना, एएमयू में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनाव बहाल करने की मांग
अलीगढ़, 5 सितंबर (मोहम्मद कामरान):
देशभर में शिक्षक दिवस मनाए जाने के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (अमूटा) ने विश्वविद्यालय में विभिन्न लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनाव कराने और शिक्षकों की अन्य मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि एग्जीक्यूटिव काउंसिल, एकेडमिक काउंसिल, एएमयू कोर्ट और छात्र संघ के चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं।
अमूटा की ओर से स्टाफ क्लब में आयोजित एक दिवसीय धरने में शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के अंदर लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली पर जोर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से विभिन्न लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनाव नहीं होने के कारण शिक्षकों और छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी प्रभावित हो रही है।
अमूटा के अध्यक्ष प्रोफेसर तुफैल अहमद ने कहा कि विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना समय की महत्वपूर्ण जरूरत है। उन्होंने कहा कि चुनावों का आयोजन विश्वविद्यालय के विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने और संस्थागत व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है।
अमूटा के सचिव डॉ. अशरफ मतीन ने कहा कि उनकी सभी मांगें कानून के दायरे में हैं और वे किसी गैरकानूनी मांग को लेकर धरना नहीं दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर हो रही है और विभिन्न संस्थाओं के चुनाव लगातार टाले जा रहे हैं।
शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालय में एग्जीक्यूटिव काउंसिल, एकेडमिक काउंसिल और कोर्ट जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के चुनाव लंबे समय से लंबित हैं। उनके अनुसार एएमयू में छात्र संघ के चुनाव भी 2018 से नहीं हुए हैं। इसी तरह एकेडमिक काउंसिल के चुनाव 2020 से और एएमयू कोर्ट के चुनाव भी 2018 से लंबित बताए गए हैं, जबकि कोर्ट की कई सीटें खाली हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को सक्रिय किए बिना विश्वविद्यालय की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिक्षकों और छात्रों की जायज आवाज सुनने तथा सभी लंबित चुनावों की जल्द घोषणा करने की मांग की।
अमूटा के संयुक्त सचिव डॉ. जमील अहमद ने कहा कि यदि प्रशासन ने उनकी बात सुनी होती तो आज धरना देने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि वह समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान निकाले।
धरने में पूर्व एग्जीक्यूटिव काउंसिल सदस्य प्रोफेसर शमीम अहमद, प्रोफेसर मोईनुद्दीन, प्रोफेसर उबैद सिद्दीकी, डॉ. मुसव्विर अली और डॉ. मुराद खान सहित कई वरिष्ठ शिक्षक मौजूद रहे। इसके अलावा पूर्व अमूटा सचिव प्रोफेसर आफताब आलम, डॉ. नसीम अहमद, डॉ. असकर हुसैन, डॉ. मोहम्मद तारिक, डॉ. इशात मोहम्मद खान, डॉ. इफ्तिखार अहमद, डॉ. दीवान इसरार खान, डॉ. मोहम्मद अरशद बारी, डॉ. आबिद हादी, डॉ. अब्दुर्रहमान, डॉ. सबीहा तबस्सुम, डॉ. मुदस्सिर अली शाह, डॉ. तारिक उस्मानी, डॉ. नफीस अहमद, डॉ. मोहम्मद शारिक, डॉ. शफीकुल्लाह, डॉ. असलम खान, डॉ. मोहम्मद आसिम और डॉ. बिलाल तफ्सीर समेत अन्य शिक्षक भी धरने में शामिल हुए।
धरने में शामिल शिक्षकों ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ही उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो अमूटा दोबारा बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तय करेगा।
गौरतलब है कि एक दिन पहले भी एएमयू के छात्रों ने यूनियन हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्र संघ चुनाव कराने की मांग की थी। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के अलावा एग्जीक्यूटिव काउंसिल, एकेडमिक काउंसिल और कोर्ट के चुनाव कराने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है।




