50 साल बाद फिर लौटीं यादेंः एएमयू में गोल्डन जुबली मनाने पहुंचे 1976 बैच के पूर्व इंजीनियरिंग छात्र

समय बीतता गया, बालों में सफेदी उतर आई, जिंदगी ने अपनी राह बदल ली, लेकिन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का वह कैंपस आज भी 1976 के उन विद्यार्थियों के दिलों में उसी तरह बसा है। सोमवार को 50 वर्ष बाद जब 1976 बैच के इंजीनियरिंग के पूर्व छात्र एएमयू पहुंचे तो मानो वक्त ने फिर करवट ली। पुरानी इमारतें, गलियारे, पुस्तकालय और इंजीनियरिंग कॉलेज को देखकर उनकी आंखों में छात्र जीवन की यादें ताजा हो उठीं और चेहरे पर बरसों पुरानी मुस्कान लौट आई।
7 सितंबर 1976 को इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाले पूर्व छात्रों ने वर्ष 2026 में अपने स्वर्ण जयंती वर्ष को यादगार बनाने के लिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का दौरा किया। देश के विभिन्न शहरों से आए इन पूर्व छात्रों ने विश्वविद्यालय में अपने पुराने दिनों को याद किया और अपने जीवन के सबसे खूबसूरत अध्याय को एक बार फिर महसूस किया।
इस अवसर पर पूर्व छात्रों की मुलाकात एएमयू की कुलपति प्रोफेसर नइमा खातून, सहकुलपति प्रोफेसर मोहम्मद मोहसिन खान और रजिस्ट्रार, प्रोफेसर असिम ज़फर से हुई। मुलाकात बेहद आत्मीय और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पूर्व छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कुलपति ने सभी पूर्व छात्रों को स्मृति-चिह्न भेंट कर उनके विश्वविद्यालय से जुड़े रिश्ते और योगदान को सम्मान दिया।
कुलपति प्रोफेसर नइमा खातून ने पूर्व छात्रों से बातचीत करते हुए विश्वविद्यालय के वर्तमान माहौल और गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जिस तरह उनके समय में विद्यार्थी आपसी भाईचारे और मिल-जुलकर रहने की संस्कृति के साथ विश्वविद्यालय में रहते थे, उसी तरह आज भी विश्वविद्यालय में आपसी सौहार्द और अपनापन कायम है।
उन्होंने बदलते दौर और विशेष रूप से जेनरेशन-जी तथा सोशल मीडिया के प्रभाव से समाज और विश्वविद्यालयी जीवन में आए बदलावों पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं प्रोफेसर असिम ज़फर ने पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए उनसे भविष्य में भी विश्वविद्यालय आते रहने और अपने अनुभवों से नई पीढ़ी को जोड़ने का आग्रह किया।
इस अवसर पर पूर्व छात्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे डॉ. मणीन्द्र जैन ने सभी पूर्व छात्रों की ओर से कुलपति, सहकुलपति और रजिस्ट्रार का आभार व्यक्त किया।
गोल्डन जुबली समारोह के दौरान पूर्व छात्रों ने विश्वविद्यालय के सर सैयद हाउस, मौलाना अज़ाद लाईबेरी और इजीनियरिंग कालिज का भी भ्रमण किया। जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में उन्होंने इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिविल इंजीनियरिंग के कक्षों, लाईबे्ररी आदि चीज़ों को देखा जहां उन्होंने परीक्षाएं उत्तीर्ण कर अपने करियर की नींव रखी थी। इसके अलावा शिक्षकों से भी मुलाकात की।
पूर्व छात्रों ने कॉलेज के चेयरमैन एवं अन्य अधिकारियों से मुलाकात की और अपने छात्र जीवन से जुड़े संस्मरण साझा किए। किसी ने पुराने साथियों को याद किया तो किसी ने कक्षा, प्रयोगशाला और कैंपस में बिताए दिनों की चर्चा की। 50 वर्ष का लंबा अंतराल जैसे कुछ ही पलों में सिमट गया।
इस अवसर पर पूर्व छात्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे डॉ. मणीन्द्र जैन ने अपने साथियों की ओर से विश्वविद्यालय के लिए एक छोटी सी राशि भी भेंट की।
गोल्डन जुबली समारोह में शामिल होने के लिए अलीगढ़ के अलावा गाजियाबाद, फरीदाबाद, दिल्ली, आगरा, मथुरा, लखनऊ, कोटा, इंदौर और मुंबई सहित विभिन्न स्थानों से पूर्व छात्र पहुंचे।



