जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने क्वालिटी एश्योरेंस और गवर्नेंस पर कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए नेपाल के पूर्बांचल विश्वविद्यालय के एक प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी की ।
TNN समाचार : पूर्बांचल विश्वविद्यालय के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने क्वालिटी एश्योरेंस और एक्रिडेशन (QAA), गवर्नेंस सिस्टम और उच्च शिक्षा में बेस्ट प्रैक्टिसेज पर कैपेसिटी बिल्डिंग और संस्थागत अनुभव कार्यक्रम के लिए कल जामिया मिल्लिया इस्लामिया का दौरा किया ।
नेपाल के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के क्वालिटी एश्योरेंस ढांचे के अनुरूप आयोजित इस दौरे ने पूर्बांचल विश्वविद्यालय के चल रहे शैक्षणिक और प्रशासनिक सुधारों को समर्थन दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्वांचल विश्वविद्यालय, नेपाल के वरिष्ठ शैक्षणिक लीडर्स, परीक्षा अधिकारी और प्रशासक शामिल थे ।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए, अंतर्राष्ट्रीय संबंध की डीन प्रो. उशविंदर कौर पोपली ने जामिया की विरासत, शैक्षणिक उत्कृष्टता और क्षेत्रीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला । शैक्षणिक मामलों की डीन प्रो. तनुजा ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संरचना, उपलब्धियों और समावेशी, अनुसंधान-उन्मुख विकास का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया ।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. एहतेशामुल हक ने जामिया की बड़े पैमाने पर, प्रौद्योगिकी-संचालित प्रवेश और परीक्षा प्रणालियों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें दक्षता, पारदर्शिता और डिजिटल एकीकरण पर ज़ोर दिया गया । IQAC की निदेशक डॉ. रफ़त परवीन ने विश्वविद्यालय के क्वालिटी एश्योरेंस ढांचे को प्रस्तुत किया, जिसमें एक्रिडेशन प्रक्रियाओं, स्टेकहोल्डर फीडबैक सिस्टम्स और निरंतर सुधार की रणनीतियों पर प्रकाश डाला गया ।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के टीम लीडर प्रो. प्रशांत कुमार लाल ने जामिया के आतिथ्य की सराहना की और इसे क्वालिटी एश्योरेंस, एक्रिडेशन, परीक्षा प्रणालियों और डिजिटल शासन के क्षेत्र में एक मानक संस्थान (benchmark institution) बताया, साथ ही AI-एनेबल्ड एकेडेमिक प्रैक्टिसेज के बारे में जानने में भी रुचि व्यक्त की ।
जामिया में हुई इस चर्चा का नेतृत्व वरिष्ठ शैक्षणिक और प्रशासनिक अधिकारियों के एक विशिष्ट समूह ने किया, जो विश्वविद्यालय गवर्नेंस के प्रमुख क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस समूह में अंतर्राष्ट्रीय संबंध, शैक्षणिक मामले, अनुसंधान और नवाचार, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, मानविकी एवं भाषा, जीवन विज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान के डीन; परीक्षा नियंत्रक; IQAC के निदेशक; मुख्य जनसंपर्क अधिकारी; विश्वविद्यालय लाइब्रेरियन; प्रशासन, वित्त, योजना, कानूनी मामलों तथा स्थापना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे ।
इस संवादात्मक सत्र ने गवर्नेंस, परीक्षा सुधारों, संकाय विकास, डिजिटल प्रणालियों और गुणवत्ता मानकों पर सार्थक विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान किया। आए हुए प्रतिनिधिमंडल को जामिया के वरिष्ठ शैक्षणिक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत के ज़रिए जामिया की शैक्षणिक संरचना, अनुसंधान व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे के बारे में पूरी जानकारी मिली ।
इस व्यापक भागीदारी से आए हुए प्रतिनिधिमंडल को जामिया की शैक्षणिक संरचना, अनुसंधान व्यवस्था, परीक्षा प्रणालियों, क्वालिटी एश्योरेंस प्रक्रियाओं और प्रशासनिक ढांचे की पूरी समझ हासिल करने में मदद मिली ।
प्रतिनिधिमंडल ने जामिया की मुख्य सुविधाओं का भी दौरा किया, जिनमें सेंट्रल लाइब्रेरी, सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटीज़ और सेंटर फॉर इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च इन बेसिक साइंसेज़ (CIRBS) शामिल हैं; यहाँ उन्हें जामिया का उन्नत बुनियादी ढाँचा और अनुसंधान सहायता प्रणालियाँ देखने को मिलीं ।
विश्वविद्यालय माननीय कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ और रजिस्ट्रार प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी के निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के लिए अपनी गहरी सराहना व्यक्त करता है; उनके नेतृत्व में ही जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ऐसी मेंटरशिप और संस्थागत सहयोग की पहलें लगातार मज़बूत हो रही हैं ।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने इस दौरे को कैपेसिटी बिल्डिंग की एक सार्थक पहल बताया और शैक्षणिक मेंटरशिप तथा सहयोगात्मक साझेदारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया, जिससे पूर्वांचल विश्वविद्यालय के साथ संस्थागत संबंध और भी मज़बूत हुए हैं ।



