जामिया के डॉ. हसन राजा नक़वी को प्रतिष्ठित ‘फुलब्राइट-नेहरू एकेडमिक एंड प्रोफेशनल एक्सीलेंस फेलोशिप, 2026-2027’ मिली

TNN समाचार : जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) के विज्ञान संकाय के भूगोल विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. हसन राजा नक़वी को वर्ष 2026-2027 के लिए प्रतिष्ठित ‘फुलब्राइट-नेहरू एकेडमिक एंड प्रोफेशनल एक्सीलेंस फेलोशिप’ अवार्ड की गई है। यह विशिष्ट फेलोशिप उन्हें नौ महीने की अवधि के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में उन्नत सहयोगात्मक अनुसंधान करने में सक्षम बनाएगी। फुलब्राइट-नेहरू फेलोशिप भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच आपसी समझ, विद्वतापूर्ण सहयोग और ज्ञान साझा करने को बढ़ावा देने वाले सबसे प्रतिष्ठित विनिमय कार्यक्रमों में से एक है।
फेलोशिप के तहत डॉ. नक़वी, शिकागो स्थित इलिनोइस विश्वविद्यालय के प्रख्यात विद्वानों डॉ. फरीद पीरावियन और प्रो. क्रिस्टोफर बर्क के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण अंतर्विषयक अनुसंधान परियोजना पर काम करेंगे। इस परियोजना का शीर्षक है: “फ्रॉम क्लाइमेट डेटा टू रिसिलियेन्स: जिओस्पेशियल आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स अप्रोचस टू फ्लड रिस्क एंड अडाप्टेशन प्लॅनिंग फॉर पेरियार, इंडिया, एंड अप्पर इलिनायस, यूएसए, केचमेंट्स” । यह अनुसंधान दो महत्वपूर्ण नदी जलग्रहण क्षेत्रों के लिए बाढ़ के जोखिम का आकलन करने और अनुकूलन रणनीतियाँ विकसित करने हेतु उन्नत भू-स्थानिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (GeoAI), जलवायु डेटा विश्लेषण और स्थानिक निर्णय-समर्थन प्रणालियों को लागू करने पर केंद्रित है। इस अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का उद्देश्य जलवायु-प्रेरित बाढ़ के खतरों की वैज्ञानिक समझ को बढ़ाना, लचीलेपन की योजना में सुधार करना और संवेदनशील क्षेत्रों में सतत जलग्रहण प्रबंधन का समर्थन करना है। इस परियोजना से दोनों देशों के नीति निर्माताओं, योजनाकारों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के लिए मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्राप्त होने की उम्मीद है।
डॉ. नक़वी ने भूगोल विषय में अपनी स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्रियाँ CCSU, मेरठ से पूरी कीं और 2013 में जेएमआई के भूगोल विभाग से अपनी पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 50 से अधिक लेख प्रकाशित किए हैं। इसके अलावा, उन्होंने भारत और विदेशों जैसे USA, फ्रांस, इथियोपिया, चीन और ताइवान में भी अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने ICSSR द्वारा वित्तपोषित एक भारत-ताइवान संयुक्त अनुसंधान परियोजना को ‘प्रधान अन्वेषक’ (PI) के रूप में सफलतापूर्वक पूरा किया है, और वर्तमान में DST तथा CWBC द्वारा वित्तपोषित अन्य अनुसंधान परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, डॉ. नक़वी को 2024 में फ्रांस की एक शार्ट रिसर्च ट्रिप के लिए ‘साइंटिफिक हाई लेवल विज़िटिंग फेलोशिप’ (SSHN) भी अवार्डकिया गया। उनकी यह उपलब्धि भौतिक भूगोल, प्राकृतिक आपदाओं, जलवायु लचीलेपन, वायु प्रदूषण और भू-स्थानिक तकनीकों के क्षेत्र में उनकी अकादमिक उत्कृष्टता और प्रभावशाली रिसर्च के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है। यह जामिया मिल्लिया इस्लामिया को अभिनव रिसर्च और अंतर्राष्ट्रीय अकादमिक जुड़ाव के लिए एक अग्रणी विश्वविद्यालय के रूप में मिल रही बढ़ती वैश्विक पहचान को भी उजागर करती है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के माननीय कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ ने, रजिस्ट्रार (JMI) प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी और छात्र कल्याण डीन प्रो. नीलोफ़र अफ़ज़ल के साथ मिलकर, डॉ. नक़वी को प्रतिष्ठित ‘फुलब्राइट-नेहरू फेलोशिप’ अवार्ड किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने इस विशिष्ट उपलब्धि की पहचान के रूप में डॉ. नक़वी को एक औपचारिक शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनकी इस सफलता पर गहरा गर्व व्यक्त किया। विश्वविद्यालय नेतृत्व ने विदेश में उनके अकादमिक कार्यों के लिए पूर्ण प्रशासनिक और संस्थागत सहयोग का आश्वासन भी दिया, साथ ही भविष्य के प्रयासों में उनकी निरंतर सफलता और प्रभावशाली योगदान के लिए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं।



