11 हजार पन्नों का ‘सत्य शास्त्र’, 11 सवाल और 51 लाख का इनाम; स्वामी राजेन्द्र देव जी महाराज निकालेंगे ‘सत्यता का घोड़ा’

अलीगढ़, 15 मई-मोहम्मद कामरान
अलीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता में खैर क्षेत्र के एदलपुर स्थित इच्छा पूर्ति धाम के संत स्वामी राजेन्द्र देव जी महाराज ने एक अनोखी आध्यात्मिक एवं दार्शनिक अभियान की घोषणा करते हुए बताया कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम द्वारा किए गए अश्वमेध यज्ञ से प्रेरित होकर अब “सत्यता का घोड़ा” पूरे देश की यात्रा पर निकलेगा। इस यात्रा का उद्देश्य उनके द्वारा लिखे गए 11 हजार पन्नों के विशाल शास्त्र की सत्यता और दार्शनिक विचारों की परीक्षा कराना है।
प्रेस वार्ता में स्वामी राजेन्द्र देव जी महाराज ने दावा किया कि उन्होंने वर्षों के अनुभव और आध्यात्मिक चिंतन के आधार पर एक विशाल ग्रंथ तैयार किया है, जिसमें जीवन, आत्मा, धर्म और मानव अस्तित्व से जुड़े 11 महत्वपूर्ण और जटिल प्रश्न शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इन 11 प्रश्नों का सही उत्तर दे देता है, तो उसे 51 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “हमारी फिलॉसफी केवल किताबों पर आधारित नहीं बल्कि अनुभव पर आधारित है। हम चाहते हैं कि देशभर के विद्वान, संत, दार्शनिक और बुद्धिजीवी इन प्रश्नों पर विचार करें। यदि कोई हमारे सिद्धांतों को गलत साबित कर देता है, तो हम स्वयं अपने 11 हजार पन्नों के शास्त्र को आग के हवाले कर देंगे, क्योंकि हमारा उद्देश्य दुनिया को भ्रमित करना नहीं, बल्कि सत्य को सामने लाना है।”
स्वामी राजेन्द्र देव जी महाराज ने बताया कि “सत्यता का घोड़ा” 28 नवंबर 2026 को यात्रा पर रवाना होगा। यह यात्रा लगभग 215 दिनों तक चलेगी और देशभर के 108 प्रमुख स्थानों से होकर गुजरेगी। यात्रा का पहला पड़ाव वृंदावन तथा दूसरा पड़ाव अयोध्या होगा। इसके बाद यह यात्रा कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक विभिन्न राज्यों और धार्मिक स्थलों से गुजरते हुए 30 जून 2027 को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संपन्न होगी।
उन्होंने कहा कि जब तक यह यात्रा पूरी नहीं हो जाती और कोई भी व्यक्ति उनके 11 प्रश्नों का खंडन नहीं कर पाता, तब तक इस विशाल ग्रंथ को सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसे “हर व्यक्ति की फिलॉसफी” बताते हुए कहा कि यह शास्त्र मानव जीवन के गहरे अनुभवों और सत्य की खोज पर आधारित है।
प्रेस वार्ता के दौरान मौजूद लोगों ने इस अनोखी घोषणा को लेकर उत्सुकता दिखाई। कार्यक्रम में कई श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।



