पापा मियां का 120 साल पुराना सपना हुआ साकार, एएमयू की पहली महिला वीसी प्रो. नईमा खातून ने विमेंस कॉलेज में शुरू कराईं तैराकी गतिविधियां

अलीगढ़, 15 मई- मोहम्मद कामरान
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विमेंस कॉलेज में स्विमिंग पूल में तैराकी गतिविधियों का शुभारंभ केवल एक खेल सुविधा की शुरुआत नहीं, बल्कि लगभग 120 वर्ष पहले महिलाओं की आधुनिक और सर्वांगीण शिक्षा को लेकर देखे गए उस ऐतिहासिक सपने की ताबीर है, जिसे कॉलेज के संस्थापक शेख अब्दुल्ला (पापा मियां) ने देखा था। एएमयू के इतिहास की पहली महिला कुलपति प्रो. नईमा खातून ने इस सपने को नई दिशा देते हुए छात्राओं के लिए तैराकी गतिविधियों का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. नईमा खातून ने कहा कि पापा मियां चाहते थे कि अलीगढ़ की बेटियां भी दुनिया की आधुनिक शिक्षण संस्थाओं की छात्राओं की तरह शिक्षा के साथ तैराकी और अन्य जीवनोपयोगी गतिविधियों में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आज विमेंस कॉलेज के ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल में तैराकी गतिविधियों की शुरुआत वास्तव में उस दूरदर्शी सोच को साकार करने का ऐतिहासिक क्षण है।

उन्होंने कहा कि तैराकी केवल एक खेल नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और मानसिक मजबूती का माध्यम है। सुरक्षित वातावरण में विकसित की गई यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा छात्राओं को शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, एकाग्रता और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करेगी।
प्रो. नईमा खातून ने कहा कि तैराकी से तनाव, चिंता और अवसाद में कमी आती है तथा शारीरिक फिटनेस और मानसिक संतुलन बेहतर होता है। उन्होंने शिक्षकों और छात्राओं से इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाने और तैराकी गतिविधियों को निरंतर सक्रिय बनाए रखने का आह्वान किया।
सह कुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान ने कहा कि तैराकी एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल है, जो स्वास्थ्य और आत्मविश्वास दोनों को मजबूत करता है। उन्होंने छात्राओं के लिए इस गतिविधि को पुनः प्रारंभ कराने में विश्वविद्यालय प्रशासन और विमेंस कॉलेज प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम की मानद अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की धर्मपत्नी प्रतीक्षा सिंह जादौन ने कहा कि तैराकी जैसे खेल युवा महिलाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं तथा उनके मानसिक और शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विमेंस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मसूद अनवर अलवी ने कुलपति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल छात्राओं के व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि तैराकी छात्रों में धैर्य, अनुशासन, आत्मविश्वास और बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करती है।
विश्वविद्यालय स्विमिंग क्लब के अध्यक्ष प्रो. फजलुर्रहमान ने इस सुविधा को पुनः क्रियाशील बनाने में विश्वविद्यालय के भवन विभाग तथा भूमि एवं उद्यान विभाग के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद आसिम जफर, प्रो. यूसुफ-उज-जमां खान, प्रो. शीबा जिलानी, प्रो. मोहम्मद नवेद खान, प्रो. विभा शर्मा, प्रो. इफ्फत असगर, प्रो. निशात फातिमा, प्रो. अनवर शहजाद तथा नगमा इरफान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सुमैय्या, जावेरिया और जायना ने तैराकी कौशल का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों की सराहना प्राप्त की। कार्यक्रम का संचालन अमीना बेग ने किया, जबकि डॉ. नाजिया खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।



