राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन की नींव रखी : प्रो जसीम मोहम्म

राष्ट्रीय संगोष्ठी में युवा शोधार्थियों ने शिक्षा सुधार, लैंगिक समानता, मूल्यांकन और शैक्षिक पहुंच पर रखे विचार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन और भारत की उच्च शिक्षा के भविष्य को लेकर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में सेन्टर फॉर नमो स्ट्डीज  के युवा शोधार्थियों एवं इंटर्न्स ने जेन ज़ी के दृष्टिकोण को प्रमुखता से सामने रखा। युवाओं ने शिक्षा सुधार, लैंगिक समानता, मूल्यांकन प्रणाली और शिक्षा तक समान पहुंच सहित एनईपी 2020 के विभिन्न पहलुओं पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन नमो केंद्र  द्वारा डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र  नई दिल्ली के सहयोग से किया गया।

डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र के निदेशक कर्नल आकाश पाटिल ने नमो केंद्र  के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विकसित भारत और राष्ट्र निर्माण के लिए जेन ज़ी को राष्ट्रीय महत्व के विषयों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सार्वजनिक नीति और राष्ट्रीय विकास जैसे विषयों पर युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी एक जागरूक, जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि युवाओं को राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श और अपने विचार व्यक्त करने के लिए मंच उपलब्ध कराना उन्हें विकसित भारत की निर्माण-यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज की वंशिका पांडे ने “एनईपी 2020 के अंतर्गत उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता” विषय पर अपने विचार रखे। इसी क्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय की श्रेया विज ने “एनईपी 2020 के अंतर्गत मूल्यांकन सुधार” विषय पर चर्चा करते हुए पारंपरिक मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव की आवश्यकता रेखांकित की। दिल्ली विश्वविद्यालय की अक्षिता पॉल ने “एनईपी 2020: नीति से संभावनाओं तक—समानतापूर्ण एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा के लिए पहुंच की खाई को पाटना” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।  वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज की नविता पटेल ने “वह विद्यार्थी जिसे एनईपी ने कभी नहीं जाना : एनईपी 2020 की अपेक्षाएं, संभावनाएं और वास्तविकता” विषय पर युवा विद्यार्थियों के दृष्टिकोण और शिक्षा नीति के जमीनी अनुभवों को सामने रखा।

सेन्टर फॉर नमो स्ट्डीज  के प्रबंध न्यासी प्रो जसीम मोहम्मद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और परिवर्तनकारी सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एनईपी 2020 ने एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला रखी है, जो अधिक समावेशी, नवाचारी, कौशल-आधारित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

उन्होंने कहा कि, नमो केंद्र के इंटर्न्स ने जेन ज़ी के प्रतिनिधियों के रूप में शिक्षा परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत कर यह संदेश दिया कि युवा केवल नीतियों के लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति-विमर्श और राष्ट्र निर्माण के सक्रिय सहभागी भी हैं।

नमो केंद्र इंटर्न्स के लिए आयोजित विशेष सत्र की अध्यक्षता रमन चड्ढा ने की। एस बी लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर सैयद महरूल हसन एवं जर्नलिज्म टुडे ग्रुप के समूह संपादक डॉ जावेद रहमानी ने अपना वक्तव छात्रों के समक्ष रखा।सत्र में युवा शोधार्थियों ने एनईपी 2020 को लेकर अपने अनुभवों, अपेक्षाओं और सुझावों को शोधपरक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button