अब्दुल्ला हॉल में छात्राओं का प्रदर्शन, धक्का-मुक्की के आरोपों पर प्रॉक्टर ने रखा एएमयू का पक्ष; डिजिटल सबूत का दावा
अलीगढ़, 14 सितंबर (मोहम्मद कामरान): अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अब्दुल्ला हॉल में मेस के खाने, साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं को लेकर छात्राओं का विरोध सोमवार को तेज हो गया। छात्राओं ने अपनी समस्याओं को लेकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि शिकायतों को लेकर प्रॉक्टोरियल टीम के साथ बहस के बाद उनके साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई। छात्राओं का यह भी आरोप है कि समस्याएं उठाने पर उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
छात्राओं के अनुसार, अब्दुल्ला हॉल के मेस में भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। छात्राओं का कहना है कि जब उन्होंने इन मुद्दों को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने उठाया तो समाधान का आश्वासन देने के बजाय उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी गई, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ी।
विरोध के दौरान मौके पर पहुंची प्रॉक्टोरियल टीम और छात्राओं के बीच बातचीत के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। छात्राओं का दावा है कि इसी दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। छात्राओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी शिकायतों का जल्द समाधान करने की मांग की है।
स्कूली परीक्षा भी हुई प्रभावित
अब्दुल्ला हॉल में हुए विरोध का असर एएमयू गर्ल्स स्कूल में होने वाली परीक्षा पर भी पड़ा। हॉल का गेट बंद होने के कारण प्राथमिक कक्षाओं की छात्राएं स्कूल में प्रवेश नहीं कर सकीं। इसके चलते स्कूल प्रशासन को परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा।
बताया गया कि कक्षा एक से तीन तक उर्दू और कक्षा चार की हिंदी की परीक्षा निर्धारित थी, लेकिन उत्पन्न स्थिति के कारण इन परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। परीक्षा देने पहुंची छात्राओं को भी इससे परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रॉक्टोरियल टीम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
मामले के बाद प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नदीद खान के साथ डिप्टी प्रॉक्टर और असिस्टेंट प्रॉक्टर सहित प्रॉक्टोरियल टीम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्राओं और कुछ आलोचकों का कहना है कि यदि लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं तो विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए।
आलोचकों का सवाल है कि क्या छात्राओं की शिकायतों के समाधान के लिए विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारियों को सीधे हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उनका कहना है कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल अनुशासन बनाए रखना ही नहीं, बल्कि छात्राओं की समस्याओं को सुनना और उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराना भी है।
छात्राओं का कहना है कि इससे पहले भी अब्दुल्ला हॉल में बिजली और अन्य समस्याओं को लेकर विरोध के दौरान कथित बदसलूकी के आरोप सामने आए थे। फीस में वृद्धि के दौरान भी छात्राओं के साथ प्रशासन के व्यवहार को लेकर सवाल उठे थे। अब मेस, सफाई और मूलभूत सुविधाओं को लेकर एक बार फिर छात्राओं के विरोध में उतरने से विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर चर्चा शुरू हो गई है।

निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन कर रही छात्राओं की ओर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक संबंधित प्रॉक्टोरियल टीम को जिम्मेदारी से अलग रखने या निलंबित करने पर भी विचार किया जाना चाहिए, ताकि लगाए गए आरोपों की पारदर्शी तरीके से जांच हो सके।
छात्राओं का कहना है कि उनकी मांगें बुनियादी सुविधाओं और समस्याओं के समाधान से जुड़ी हैं। ऐसे में प्रशासन को उनके साथ बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्राओं से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने और उनकी शिकायतों को सुनने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से मामले को बातचीत के माध्यम से सुलझाने की प्रक्रिया जारी है।

प्रॉक्टर ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं, अब्दुल्ला हॉल में छात्राओं के प्रदर्शन को लेकर एएमयू प्रशासन ने भी अपना पक्ष रखा है। प्रॉक्टर प्रो. नावेद खान ने दावा किया कि कुछ लोगों ने छात्राओं को उकसाकर प्रदर्शन कराया और विश्वविद्यालय प्रशासन के पास इस संबंध में डिजिटल साक्ष्य एवं संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि कुछ छात्राओं ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि प्रदर्शन में शामिल नहीं होने पर उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। प्रॉक्टर के अनुसार, भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और हाइजीन से जुड़ी शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। अब्दुल्ला हॉल की 11 छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. नईमा खातून से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं, जिस पर उन्हें समाधान का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की जायज शिकायतों का समाधान किया जाएगा, लेकिन विश्वविद्यालय का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मोहम्मद कामरान




