अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक से रूबरू हुए अधिकारी, अलीगढ़ में हथियारों और बम निरोधक उपकरणों की प्रदर्शनी

अलीगढ़, 27 अक्टूबर 2026 (मोहम्मद कामरान)।
पुलिस स्मृति दिवस और सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत मंगलवार को 45वीं वाहिनी पीएसी परिसर, अलीगढ़ में अत्याधुनिक हथियारों एवं सुरक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। चतुर्थ वाहिनी उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल, मथुरा की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन सेनानायक डॉ. राम सुरेश ने किया। प्रदर्शनी के माध्यम से आधुनिक सुरक्षा तकनीक, बम निरोधक उपकरणों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों की जानकारी दी गई।
प्रदर्शनी में आधुनिक हथियारों के साथ बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) तथा एंटी-सैबोटाज चेकिंग से संबंधित उपकरणों को प्रदर्शित किया गया। इन उपकरणों का उद्देश्य बम और विस्फोटक पदार्थों से जुड़े खतरों की पहचान करने, संदिग्ध वस्तुओं की जांच करने तथा संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता करना है। प्रदर्शनी में सुरक्षा बलों के कार्यों में आधुनिक तकनीक की बढ़ती उपयोगिता को भी रेखांकित किया गया।

सेनानायक डॉ. राम सुरेश ने प्रदर्शनी में लगाए गए हथियारों और सुरक्षा उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने उपकरणों की तकनीकी कार्यप्रणाली, उनके इस्तेमाल और सुरक्षा अभियानों में उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने संबंधित जवानों से संवाद कर उपकरणों के संचालन, रखरखाव और आवश्यकता के अनुसार उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की।
डॉ. राम सुरेश ने कहा कि वर्तमान समय में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों के लिए आधुनिक हथियारों और तकनीकी उपकरणों की जानकारी रखना तथा उनका प्रभावी इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। अत्याधुनिक उपकरणों से सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता बढ़ती है और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ जवानों को उनके संचालन का उचित प्रशिक्षण देना, नियमित रखरखाव सुनिश्चित करना और जरूरत के समय उनका सही इस्तेमाल करना भी महत्वपूर्ण है। सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना आवश्यक है।
प्रदर्शनी में बीडीडीएस और एंटी-सैबोटाज चेकिंग से संबंधित उपकरणों का प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इन उपकरणों की मदद से सुरक्षा जांच को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की प्रक्रिया को समझाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक सुरक्षा संसाधनों की उपयोगिता से अवगत कराने के साथ राष्ट्र और आम नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर सेनानायक डॉ. राम सुरेश ने उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम होना समय की आवश्यकता है। अत्याधुनिक हथियारों और सुरक्षा उपकरणों का प्रभावी उपयोग सुरक्षा बलों की क्षमता को मजबूत करता है। उन्होंने उपकरणों के सुव्यवस्थित रखरखाव, उचित वितरण और प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा उनके इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में उपसेनानायक जितेंद्र सिंह, उपसेनानायक (पीएसी) सत्यम सिंह, कासो सिविल एयरपोर्ट अलीगढ़ विनीत कुमार, सहायक सेनानायक (पीएसी) महिपाल सिंह, शिविरपाल मुकेश कुमार और सुशांत गौर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी के सफल आयोजन पर सेनानायक डॉ. राम सुरेश ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने आयोजन में उनके सहयोग, प्रतिबद्धता, अनुशासन और टीम भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। पुलिस स्मृति दिवस और राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम सुरक्षा बलों की आधुनिक तैयारियों और जनसुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने वाला रहा।



