भारत – ऑस्ट्रेलिया के साहित्यिक संस्कृति हिंदी प्रचार में एएमयू के प्रो शंभूनाथ तिवारी ने परचम लहराया

प्रो. शंभुनाथ तिवारी का भारत-आस्ट्रेलिया के साहित्यिक-सांस्कृतिक संबंधों पर आस्ट्रेलिया के रेडियो हिंदी चैनल द्वारा साक्षात्कार

ऑस्ट्रेलिया के सर्वाधिक सुने जानेवाले कम्युनिटी हिंदी रेडियो चैनल(98.5 एफएम चैनल) के ‘दर्पण स्टूडियो’ में भारत-आस्ट्रेलिया के साहित्यिक-सांस्कृतिक पारस्परिक संबंध एवं परिवेश पर एक बातचीत का कार्यक्रम रखा गया। रेडियो कलाकार आर. जे. श्री संजीव शर्मा एवं श्री प्रदीप उपाध्याय के आत्मीय संयोजन में भारत के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के प्रोफ़ेसर शंभुनाथ तिवारी ने भारत में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिवेश, हिंदी-उर्दू के पारस्परिक संबंध, साहित्य-अदब का मनुष्य जीवन और ज़िंदगी से निकटता, साहित्य के अन्य सरोकार आदि को लेकर विस्तृत बातचीत की। यहाँ के व्यापक हिंदी समुदाय के श्रोताओं से रूबरू होते, गीत-संगीत से सजे इस कार्यक्रम में साहित्य पर विस्तार से बातचीत करते हुए कविता और शायरी पर बात न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। सो, कुछ कहने- सुनने और गुनने का भी अवकाश मिला। ! इस क्रम में हिंदी-उर्दू साहित्य पर बातचीत करते हुए शंभुनाथ तिवारी ने बीच-बीच में हिंदी-उर्दू की अपनी बहुत-सी कविताओं का पाठ किया। भारत से दूर, बहुत दूर दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित दूसरी दुनिया के विकसित-समृद्ध और पाश्चात्य चकाचौंध के उन्नत देश आस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी में भारतवंशी हिंदी भाषाभाषियों से रूबरू होकर हिंदी में बातचीत करते हुए साहित्य-समाज-संस्कृति के विविध पक्षों पर प्रो. तिवारी ने विस्तार से अपने विचार प्रकट किए। विचारणीय है कि प्रो. शंभुनाथ तिवारी इन दिनों दो माह की अपनी आस्ट्रेलिया यात्रा पर हैं, जहाँ वे कई शहरों के भ्रमण के साथ हिंदी-उर्दू समाज के लोगों के साथ संपर्क करते हुए अनेक साहित्यिक आयोजनों में सम्मिलित होंगे। दो घंटे के रेडियो कार्यक्रम के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि अपने वतन से इतनी दूर सिडनी के रेडियो-स्टूडियो में संजीव जी एवं प्रदीप जी की संयोजकीय आत्मीयता से वहाँ जो हिंदीमय परिवेश निर्मित हुआ, उससे ऐसा प्रतीत हो रहा था, जैसे यह कार्यक्रम भारत के किसी हिंदी प्रदेश के रेडियो स्टेशन के स्टूडियो में संपन्न हो रहा है।

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