एएमयू में एमबीबीएस और बीडीएस 2026 बैच के विद्यार्थियों का व्हाइट कोट समारोह आयोजित

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में नवप्रवेशित एमबीबीएस और बीडीएस 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए व्हाइट कोट समारोह आयोजित किया गया। समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों का चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा के पेशे में स्वागत किया गया।
एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने समारोह की अध्यक्षता की। पद्मश्री डॉ. हर्ष महाजन मुख्य अतिथि थे, जबकि अमेरिका से आए जेएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र डॉ. शुजाउद्दीन खान विशिष्ट अतिथि रहे। सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान, चिकित्सा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मोहम्मद खालिद, जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. अंजुम परवेज और डॉ. जेड.ए. डेंटल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. नरेंद्र देव गुप्ता भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
चिकित्सा शिक्षा इकाई की समन्वयक प्रो. तमकीन रब्बानी ने अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। समारोह में विद्यार्थियों को व्हाइट कोट प्रदान किए गए, हिप्पोक्रेटिक शपथ दिलाई गई तथा विद्यार्थी पुस्तिका का विमोचन किया गया।
नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. नइमा खातून ने कहा कि श्वेत कोट केवल चिकित्सा पेशे में प्रवेश का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह मरीजों और समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने मरीजों की बिना किसी हिचकिचाहट के करुणा और संवेदनशीलता के साथ सेवा करने तथा यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि उनके पेशेवर आचरण में सीखे हुए मूल्यों की झलक दिखाई दे। उन्होंने जेएन मेडिकल कॉलेज को एक प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान बताते हुए कहा कि इसका हिस्सा बनना विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसका उपयोग उन्हें स्वयं को सक्षम और जिम्मेदार चिकित्सा पेशेवर के रूप में विकसित करने के लिए करना चाहिए।
सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान ने विद्यार्थियों से समर्पण, कड़ी मेहनत और नैतिक आचरण के माध्यम से अपने अभिभावकों के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सर सैयद अहमद खान के ज्ञान अर्जित करने और उसका उपयोग समाज की सेवा में करने के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एएमयू अपेक्षाकृत कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे विद्यार्थियों को कई अन्य संस्थानों में होने वाले भारी आर्थिक बोझ के बिना पेशेवर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
प्रो. मोहम्मद खालिद ने कहा कि व्हाइट कोट व्यावसायिकता, करुणा और जिम्मेदारी के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने हिप्पोक्रेटिक शपथ के महत्व को भी समझाया और विद्यार्थियों से चिकित्सा पेशे की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया।
हिप्पोक्रेटिक शपथ दिलाते हुए चिकित्सा शिक्षा इकाई की समन्वयक प्रो. तमकीन खान ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों के नाम पुकारकर उन्हें व्हाइट कोट प्रदान किए। पद्मश्री डॉ. हर्ष महाजन ने विद्यार्थियों को बताया कि व्हाइट कोट उत्कृष्टता, नैतिक चिकित्सा, करुणा तथा मरीजों और समाज की सेवा के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
जेएन मेडिकल कॉलेज के 1982 बैच के पूर्व छात्र डॉ. अयाज महमूद द्वारा तैयार जेएन मेडिकल कॉलेज की गौरवशाली विरासत पर आधारित एक वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थितजनों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम का समन्वय प्रो. तमकीन रब्बानी ने किया। इसमें डॉ. अली जाफर आब्दी, प्रो. नसरीन नूर और उनकी टीम, डॉ. फातिमा खान, डॉ. रूही खान, डॉ. मोहम्मद सलमान शाह, डॉ. सूफिया नसीम और डॉ. शाहना अली ने सहयोग किया। प्रो. सायरा मेहनाज के निर्देशन में पर्दे के पीछे की टीम में डॉ. सफिया हबीब, डॉ. समीना अहमद, डॉ. अहमद फराज और डॉ. यूसुफ आफाक शामिल रहे।
चिकित्सा शिक्षा इकाई की सह-समन्वयक प्रो. सायरा मेहनाज ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डाक्टर बुशरा सिद्दीकी और डाक्टर समरीन जहीर ने संयुक्त रूप से किया। श्रव्य-दृश्य टीम, अधिष्ठाता कार्यालय के कर्मचारियों, सभागार कर्मचारियों, प्रशिक्षुओं और विद्यार्थी स्वयंसेवकों ने समारोह के सफल आयोजन में सहयोग दिया।



