दरगाह शाहजमाल का 764वां सालाना उर्स संपन्न, हजारों जायरीन ने की शिरकत
अलीगढ़, 24 अगस्त (मोहम्मद कामरान)।
दरगाह शम्सुल आरफीन शाहजमाल का चार दिवसीय 764वां सालाना उर्स मुबारक आज संपन्न हो गया। चारों दिनों दरगाह पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद और जायरीन पहुंचे। इस दौरान विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उर्स के पहले दिन मिलाद शरीफ की महफिल हुई, जबकि दूसरे और तीसरे दिन रात में महफिले समां का आयोजन किया गया। इसमें शमीम अनवर शाहिद कव्वाल, नईम कव्वाल साबरी, जमीर कव्वाल, समीर कव्वाल तथा जहांगीरपुर-नोएडा से आए अन्य मशहूर कव्वालों ने कलाम पेश किए।
उर्स के अंतिम दिन कुल शरीफ की महफिल आयोजित हुई। कार्यक्रम का समापन करीब 1 बजकर 20 मिनट पर रंग पढ़ने के साथ हुआ। फातिहा नावेद इकबाल सज्जादा नशीन ने कराई। इस दौरान देश में अमन, खुशहाली और भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई।

चारों दिन हजारों जायरीन के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। यह व्यवस्था लोगों और अहले-खैर के सहयोग से की गई। वहीं वक्फ 63 कमेटी के सचिव मोइनुद्दीन मोनू ने उर्स कमेटी के भूरा भारती, अयूब चौधरी, इमरान बिल्टू, इकराम कुरैशी सहित सभी खादिमों को सफल आयोजन के लिए मुबारकबाद दी।
उन्होंने बड़ी संख्या में पहुंचे जायरीन का भी शुक्रिया अदा किया और कहा कि सभी ने पूरे उर्स के दौरान अनुशासन बनाए रखते हुए सहयोग किया।
इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि सूफी संतों की शिक्षाएं प्रेम, मानवता, भाईचारे, शांति और सेवा का संदेश देती हैं। उर्स जैसे आयोजन बुजुर्गों की शिक्षाओं और उनके संदेश को समाज तक पहुंचाने का माध्यम हैं। आयोजकों ने लोगों से आपसी प्रेम, सद्भाव और शांति की भावना को मजबूत करने की अपील की।




