एएमयू में मानव माइक्रोबायोम और कैंसर पर अकादमिक प्रेस द्वारा प्रकाशित पुस्तक का विमोचन

कैंसर के निदान और उपचार में मानव माइक्रोबायोम की उभरती भूमिका पर केंद्रित एक शोधपरक हैंडबुक का विमोचन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय में किया गया। हयूमन माइक्रोबायोम एण्ड देयर इम्प्लीकेशन्स फार आनकोलोजिकल डायग्नोसिस एण्ड ट्रीटमेंटः ए हैंडबुक फार क्लीनीशियंस एण्ड रिसर्चर शीर्षक वाली इस पुस्तक का प्रकाशन एल्सेवियर की इकाई अकादमिक प्रेस ने किया है।
एएमयू के जे.एन. मेडिकल कॉलेज के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर प्रो. मोहम्मद अकरम द्वारा संपादित इस हैंडबुक का पहला संस्करण मई 2026 में प्रकाशित हुआ था। एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने प्रो. अकरम और संपादकीय टीम को बधाई देते हुए माइक्रोबायोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी और क्लिनिकल मेडिसिन को जोड़ने वाले अंतरविषयक शोध के महत्व को रेखांकित किया।
जे.एन. मेडिकल कॉलेज के डीन, चिकित्सा संकाय, प्रो. मोहम्मद खालिद ने संपादक, संपादकीय टीम और योगदान देने वाले लेखकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुस्तक में माइक्रोबायोम अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं तथा कैंसर की रोकथाम, निदान, उपचार और व्यक्तिगत चिकित्सा (पर्सनलाइज्ड मेडिसिन) पर इसके प्रभावों को एक साथ प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक के संपादक प्रो. मोहम्मद अकरम ने कहा कि इस हैंडबुक को मानव माइक्रोबायोम और कैंसर के बीच संबंधों पर उपलब्ध उभरते साक्ष्यों को एक जगह लाने तथा माइक्रोबायोम के मौलिक विज्ञान को क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी से जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि माइक्रोबायोम की कैंसर की उत्पत्ति, ट्यूमर की प्रगति, प्रतिरक्षा नियंत्रण, उपचार की प्रतिक्रिया और उपचार से जुड़ी विषाक्तता में भूमिका के संबंध में लगातार नए प्रमाण सामने आ रहे हैं।
19 अध्यायों वाली इस हैंडबुक को चार भागों में विभाजित किया गया है, जिनमें मानव माइक्रोबायोम और कैंसर, माइक्रोबायोम के विश्लेषण के उपकरण एवं तकनीकें, निदान संबंधी पहलू तथा उपचार संबंधी पहलू शामिल हैं। इसमें माइक्रोबियल डिस्बायोसिस, सीक्वेंसिंग और बायोइन्फॉर्मेटिक्स, मेटाबोलोमिक्स, मशीन लर्निंग, लिक्विड बायोप्सी, कैंसर उपचार, पर्सनलाइज्ड मेडिसिन, प्रोबायोटिक्स, फीकल माइक्रोबायोटा ट्रांसप्लांटेशन, कैंसर की रोकथाम और नैतिक पहलुओं जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।
बहुविषयक संपादकीय टीम में डॉ. रुकैया अफरोज, डॉ. समरीन जहीर, अफरीन कमाल फारूकी और डॉ. मोहम्मद आमिर शामिल थे, जिन्होंने पुस्तक के लेखन में प्रो. अकरम का सहयोग किया। यह हैंडबुक माइक्रोबायोम और कैंसर अनुसंधान से जुड़े चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के लिए उपयोगी है।



