एएमयू के भाषा विज्ञान विभाग के शोधार्थियों ने राष्ट्रीय सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुत किए

अलीगढ़,  मोहम्मद कामरान : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भाषा विज्ञान विभाग के शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला में आयोजित 53वें अखिल भारतीय द्रविड़ भाषाविद् सम्मेलन में समकालीन भाषा विज्ञान के विविध विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत कर उल्लेखनीय अकादमिक योगदान दिया।

शोधार्थियों ने भाषा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं लिंग्विस्टिक सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद जहांगीर वारसी के मार्गदर्शन में अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

शोध पत्रों में इफरा जमान एवं अजहर अहमद का “लिंग्विस्टिक एक्यूरेसी एंड प्रैग्मैटिक कॉम्पिटेंस प्रैग्मैटिक फेल्योर अमंग सेकेंडरी स्कूल इंग्लिश लर्नर्स”, डॉ. सादिया हुस्ना हसन एवं शगुफ्ता इरम का “टीचर्स एटीट्यूड्स एंड परसेप्शंस ऑफ स्पीच एंड लैंग्वेज डिफिकल्टीज इन चिल्ड्रेन विद ऑटिज्म एंड डाउन सिंड्रोमरू ए क्वांटिटेटिव डिस्क्रिप्टिव स्टडी”, डॉ. मोहम्मद ताहिर एवं सुहाना असगरी का “नेगोशिएटिंग मल्टीलिंगुअल रियलिटीजरू ए स्टडी ऑफ लैंग्वेज आइडियोलॉजीज इन हायर सेकेंडरी एजुकेशन इन होजाई डिस्ट्रिक्ट (असम)”, आलमीन जहरा, उजमा अफरीन एवं मोहम्मद राफे का“ए मॉर्फो-सिंटैक्टिक स्टडी ऑफ लैंग्वेज चेंज इन द डिजिटल कम्युनिकेशन ऑफ जेनरेशन जेड”, मंजूर अहमद का “फ्रॉम चॉकबोर्ड्स टू चैटबॉट्सरू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन इंग्लिश लैंग्वेज टीचिंग” तथा सना ताहा अकील का “ए सोशियोलिंग्विस्टिक एनालिसिस ऑफ जेंडर इक्वैलिटी एंड विमेन्स राइट्स इश्यूज इन यमन” शामिल थे।

प्रो. वारसी ने कहा कि इस सम्मेलन ने भाषा विज्ञान के उभरते रुझानों पर विचार-विमर्श का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया तथा विभाग की अंतर्विषयक और सामाजिक रूप से प्रासंगिक शोध के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने सभी प्रतिभागी शोधार्थियों को उनके अकादमिक योगदान के लिए बधाई दी और राष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने के उनके प्रयासों की सराहना की।

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