शिया सुन्नी उलेमा की संयुक्त प्रेसवार्ता, आशूरा पर अमन, अनुशासन और रक्तदान का दिया संदेश

अलीगढ़, 25 जून (मोहम्मद कामरान)
मोहर्रम और यौमे आशूरा के शांतिपूर्ण आयोजन, आपसी भाईचारे और अनुशासन को बनाए रखने के उद्देश्य से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के ओल्ड बॉयज लॉज में शिया सुन्नी उलेमा एवं जिम्मेदारों की संयुक्त प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करने का संकल्प व्यक्त किया गया और लोगों से हर प्रकार की गैर-शरई और अनुचित गतिविधियों से दूर रहने की अपील की गई।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए शहर मुफ्ती मौलाना खालिद हमीद ने कहा कि मोहर्रम के जुलूसों के दौरान सभी लोग अमन, भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा दें तथा ऐसा कोई कार्य न करें जिससे माहौल खराब हो। उन्होंने कहा कि जहां भी नमाज का समय हो, वहां जुलूस को रोककर नमाज अदा की जाए और सभी लोग उलेमा की हिदायतों तथा शरीयत के उसूलों का पालन करें।
शिया आलिम-ए-दीन मौलाना सादिक अब्बास ने कहा कि यौमे आशूरा के जुलूसों में शामिल होने वाले सभी लोगों को अनुशासन का विशेष ध्यान रखना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि सभी अकीदतमंद प्रशासन और उलेमा द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
कर्बला के मुतवल्ली एवं एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सैयद मुख्तार जैदी ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इस वर्ष 12 फुट से अधिक ऊंचाई वाले किसी भी अलम और ताजिए की अनुमति नहीं होगी और पूरे शहर में इस नियम का पालन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में तीन प्रमुख शिया जुलूस निकाले जाएंगे, जिनमें एक सिविल लाइंस, दूसरा सैयदवाड़ा बाबरी मंडी और तीसरा फूल चौराहे से निकलेगा, जबकि शहर में लगभग 149 मन्नती ताजिए भी बरामद होंगे।
सैयद मुख्तार जैदी ने बताया कि इस वर्ष एक नई पहल के तहत जन कल्याण समिति और जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) ब्लड बैंक के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जंजीरों का मातम करने के बजाय इमाम हुसैन की याद में रक्तदान करें, ताकि जरूरतमंद लोगों की जान बचाई जा सके। उन्होंने कहा कि यह रक्त किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि सभी जरूरतमंदों के लिए उपलब्ध रहेगा।
एएमयू के बैतुल सलात से निकलने वाले जुलूस के जिम्मेदार सैयद नादिर अब्बास नकवी ने जुलूस के रूट की जानकारी देते हुए बताया कि जुलूस बैतुल सलात से निकलकर शमशाद मार्केट, जेल रोड, नुमाइश ग्राउंड, गूलर रोड, दिल्ली गेट और शाहजमाल होते हुए कर्बला पहुंचेगा।
एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी डॉ. आजम मीर खान ने सभी नागरिकों से अपील की कि मोहर्रम के अवसर पर सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारे और शांति व्यवस्था को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि मोहर्रम इंसानियत, कुर्बानी और एकता का संदेश देता है, इसलिए सभी लोग उलेमा और प्रशासन की हिदायतों पर अमल करते हुए जुलूसों के शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग करें।
प्रसिद्ध समाजसेवी और एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के ईसी मेंबर तसव्वुर जमाल ने भी लोगों से अपील की कि मोहर्रम के मौके पर शांति और सौहार्द बनाए रखें तथा उलेमा द्वारा जारी की गई अपीलों और निर्देशों का पूरी तरह पालन करें, ताकि भाईचारे और एकता का माहौल कायम रहे।
इस अवसर पर शहर मुफ्ती मौलाना खालिद हमीद, कर्बला के मुतवल्ली एवं एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सैयद मुख्तार जैदी, शिया आलिम-ए-दीन मौलाना सादिक अब्बास, मौलाना नवेद, एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी डॉ. आजम मीर खान, मुशर्रफ महजर, नुसरत शम्सी, सैयद नादिर अब्बास नकवी, माजिन जैदी, डॉ. अमीन प्रधान, प्रसिद्ध समाजसेवी तसव्वुर जमाल, जन कल्याण समिति के मुजफ्फर इकबाल, इमरान खान सहित शिया और सुन्नी समुदाय के अनेक जिम्मेदार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
प्रेसवार्ता में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि एएमयू में हर वर्ष आयोजित होने वाली यह संयुक्त बैठक शिया-सुन्नी एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द की एक मिसाल है, जहां दोनों समुदायों के उलेमा मिलकर यौमे आशूरा के लिए दिशा-निर्देश तय करते हैं और उनके पालन की अपील करते हैं।



