केंद्रीय विश्वविद्यालयों में वैधानिक निकायों के चुनाव समयबद्ध हों: राष्ट्रपति से प्रो. जसीम मोहम्मद की अपील

अकादमिक एवं कार्यकारी परिषदों के लंबित चुनाव उच्च शिक्षा के लोकतांत्रिक ढाँचे को कर सकते हैं प्रभावित: प्रो. जसीम मोहम्मद

सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ के अध्यक्ष प्रोफेसर जसीम मोहम्मद ने भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अकादमिक परिषद, कार्यकारी परिषद तथा विश्वविद्यालय न्यायालय (कोर्ट) जैसी वैधानिक संस्थाओं के निर्वाचन समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कराने की अपील की है। प्रोफेसर जसीम ने पत्र में  कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक स्वायत्तता, संस्थागत लोकतंत्र और वैधानिक प्रक्रियाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए इन संस्थाओं का नियमानुसार गठन और संचालन आवश्यक है।

राष्ट्रपति को संबोधित अपने पत्र में प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों की विजिटर के रूप में राष्ट्रपति की भूमिका इन संस्थानों के वैधानिक एवं प्रशासनिक ढाँचे के संदर्भ में अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने अनुरोध किया कि विश्वविद्यालयों में लंबित निर्वाचनों की स्थिति की व्यापक समीक्षा कराई जाए तथा संबंधित अधिनियमों और परिनियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रो. जसीम मोहम्मद के अनुसार, देश के अनेक केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अकादमिक परिषद, कार्यकारी परिषद और विश्वविद्यालय न्यायालय जैसी संस्थाओं के गठन तथा निर्वाचित सदस्यों के चयन को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं। यदि निर्धारित प्रक्रियाओं के अंतर्गत होने वाले चुनाव लंबे समय तक लंबित रहते हैं, तो इससे विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक निर्णयों में संस्थागत सहभागिता प्रभावित होने की आशंका रहती है।

अपने पत्र में प्रो. जसीम मोहम्मद ने इस पहल को किसी व्यक्ति अथवा विश्वविद्यालय विशेष के विरुद्ध न बताते हुए इसे देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और लोकतांत्रिक बनाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि वे संवैधानिक मूल्यों, बौद्धिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक परंपराओं के महत्त्वपूर्ण केंद्र भी हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से यह भी अनुरोध किया कि उनके पत्र पर राष्ट्रपति सचिवालय अथवा संबंधित प्राधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया जाए।

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