इस्लामिक मिशन स्कूल की निदेशक डॉ. कौनैन कौसर ने दुबई में सर सैयद कॉन्फ्रेंस में लिया हिस्सा, छात्र काउंसलिंग और करियर प्लानिंग पर दिया जोर

अलीगढ़, 22 अक्टूबर (मोहम्मद कामरान)। इस्लामिक मिशन स्कूल, अलीगढ़ के निदेशक डॉ. कौनैन कौसर ने दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित सर सैयद कॉन्फ्रेंस 2026 में हिस्सा लेकर अलीगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। 18 अक्टूबर को आयोजित इस कॉन्फ्रेंस का विषय ‘स्टूडेंट काउंसलिंग एंड करियर प्लानिंग’ था। इसमें शिक्षा को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने, भविष्य के बेहतर अवसरों और युवाओं को व्यावहारिक जीवन के लिए तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
सर सैयद अहमद खान के शैक्षिक मिशन और उनके प्रगतिशील विचारों को समर्पित इस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया। इनमें खान सर, डॉ. अब्दुल कादिर, ओझा सर, डॉ. फारूक वासिल, सुश्री अफशा अजीज, डॉ. कौनैन कौसर, प्रो. मोहम्मद जावेद और डॉ. सलीम अब्दुल्ला शामिल रहे।
कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. कौनैन कौसर की शैक्षिक सेवाओं और युवाओं के मार्गदर्शन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों की काउंसलिंग और करियर प्लानिंग के महत्व पर प्रकाश डाला।

डॉ. कौनैन कौसर ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी क्षमताओं, रुचियों और रुझानों को समझकर भविष्य के सही विकल्प चुनने में मदद करना भी जरूरी है। प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा और सीखने का तरीका अलग होता है, इसलिए उसकी जरूरतों के अनुसार मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि करियर प्लानिंग विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने, सही शैक्षिक क्षेत्र चुनने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाती है। अभिभावकों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को विद्यार्थियों पर अपनी पसंद थोपने के बजाय उनकी प्रतिभा पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने चाहिए।
डॉ. कौसर ने कहा कि सर सैयद अहमद खान की शैक्षिक दृष्टि आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। सर सैयद ने शिक्षा को सामाजिक विकास, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम माना। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और नई चीजें सीखने की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विद्यार्थियों को बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल, तकनीक और व्यावहारिक अनुभवों से परिचित कराया जाना चाहिए, ताकि वे अपने बेहतर भविष्य के निर्माण के साथ समाज और देश के विकास में भी प्रभावी योगदान दे सकें।
कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य सर सैयद अहमद खान के शैक्षिक मिशन को आगे बढ़ाना, युवाओं में नई आकांक्षाएं विकसित करना और उन्हें भविष्य की जिम्मेदारियों एवं नेतृत्व के लिए तैयार करने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना था।


