अलीगढ़ में 30 अक्टूबर से शुरू होगा ‘AligEyeCon 2026’, आधुनिक नेत्र चिकित्सा और सर्जरी तकनीकों पर जुटेंगे विशेषज्ञ

अलीगढ़, 27 अक्टूबर 2026 (मोहम्मद कामरान)।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी में उत्तर प्रदेश स्टेट ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी (UPSOS) का 60वां वार्षिक सम्मेलन ‘AligEyeCon 2026’ 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के नेत्र रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षाविद् और शोधकर्ता हिस्सा लेकर नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में हो रही नवीनतम प्रगति, आधुनिक सर्जरी तकनीकों और उपचार की उन्नत विधियों पर विचार-विमर्श करेंगे।
सम्मेलन की तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजन समिति की अध्यक्ष एवं आयोजन सचिव डॉ. सिमी ज़का उर रब, आयोजन कोषाध्यक्ष डॉ. साकिब, सह-आयोजन सचिव डॉ. वारिस तथा संयुक्त आयोजन सचिव डॉ. ज़ीशान रईस खान (गांधी आई हॉस्पिटल) ने आयोजन के प्रमुख उद्देश्यों और आकर्षणों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. अब्दुल्ला, डॉ. हिना और डॉ. नाहिद भी मौजूद रहे।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य नेत्र चिकित्सा से संबंधित नवीनतम वैज्ञानिक ज्ञान और शोध निष्कर्षों को साझा करना, चिकित्सकों के व्यावसायिक कौशल को विकसित करना तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों को प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश स्टेट ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की छह दशकों की अकादमिक, वैज्ञानिक और चिकित्सकीय उपलब्धियों को भी रेखांकित किया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान कॉर्निया, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिना से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान, वैज्ञानिक सत्र और परिचर्चाएं आयोजित होंगी। इनमें नेत्र रोगों के आधुनिक निदान, उपचार की नई तकनीकों और शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञ अपने अनुभवों और शोध निष्कर्षों के माध्यम से चिकित्सकों को नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों से अवगत कराएंगे।
‘AligEyeCon 2026’ में डिफर्ड लाइव सर्जरी प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को शल्य चिकित्सा की तकनीकों, सर्जरी के दौरान चिकित्सकीय निर्णय लेने की प्रक्रिया और आधुनिक सर्जिकल दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा सर्जिकल स्किल ट्रांसफर कोर्स आयोजित किया जाएगा, जिसमें अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में चिकित्सक अपनी सर्जिकल दक्षता को बेहतर बना सकेंगे।
सम्मेलन के अंतर्गत वेट लैब प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होंगे। इन सत्रों में व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक नेत्र शल्य चिकित्सा तकनीकों को सीखने का अवसर मिलेगा। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से युवा नेत्र रोग विशेषज्ञों, रेजिडेंट डॉक्टरों और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे चिकित्सकों के लिए उपयोगी होगा।
वैज्ञानिक गतिविधियों के तहत पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें चिकित्सक और शोधकर्ता अपने शोध कार्यों, नए वैज्ञानिक निष्कर्षों तथा नैदानिक अनुभवों को प्रस्तुत करेंगे। इससे प्रतिभागियों को एक-दूसरे के शोध कार्यों को जानने, अनुभव साझा करने और नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने का मंच मिलेगा।
तीन दिवसीय सम्मेलन में वैज्ञानिक चर्चा, अकादमिक गतिविधियों और व्यावहारिक प्रशिक्षण का समन्वय रहेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि इस आयोजन से नेत्र रोग विशेषज्ञों को नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों की जानकारी मिलेगी तथा उनके पेशेवर कौशल को विकसित करने में मदद मिलेगी। एएमयू में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन नेत्र चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।



