ऑल इंडिया मुस्लिम एजुकेशनल कॉन्फ्रेंस ने बांटी 5 लाख रुपये की छात्रवृत्ति, जरूरतमंदों को साइकिलें और सिलाई मशीनें भी दीं
अलीगढ़, 28 अक्टूबर (मोहम्मद कामरान)। ऑल इंडिया मुस्लिम एजुकेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर हुसामुद्दीन फारूकी ने की। इस दौरान मेधावी और जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को शिक्षा जारी रखने के लिए लगभग 5 लाख रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को 6 साइकिलें और 5 सिलाई मशीनें भी प्रदान की गईं, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सके।
कॉन्फ्रेंस के मानद महासचिव प्रोफेसर रजाउल्लाह खान ने संस्था की शैक्षिक और सामाजिक सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि छात्रवृत्ति की राशि विभिन्न दानदाताओं के सहयोग से उपलब्ध कराई जाती है। इनमें स्वर्गीय प्रोफेसर जमशेद सिद्दीकी के परिजन, मन्नत अस्पताल के जिम्मेदार लोग तथा अमेरिका में रहने वाले पूर्व छात्र और सहयोगी शामिल हैं। इनमें नायर, अरसलान और शाकिर सहित अन्य सहयोगियों का योगदान उल्लेखनीय है।
उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता देना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित करना है। छात्रवृत्ति के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि आर्थिक कठिनाइयां विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा न बनें।
प्रोफेसर रजाउल्लाह खान ने बताया कि छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम का यह तीसरा वर्ष है। पिछले दो वर्षों में भी लगभग इतनी ही राशि की छात्रवृत्ति वितरित की गई थी। इस प्रकार संस्था लगातार तीन वर्षों से शैक्षिक सहायता और कल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से जरूरतमंद विद्यार्थियों और परिवारों की मदद कर रही है। इस वर्ष साइकिलों और सिलाई मशीनों का वितरण शिक्षा में सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक प्रयास है।

कार्यक्रम में इंजीनियर कमर ने कॉन्फ्रेंस की शैक्षिक एवं सामाजिक सेवाओं की जानकारी दी, जबकि पूर्व इंजीनियर तारिक शेरवानी ने वर्तमान परिस्थितियों और समय की आवश्यकताओं पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर फाइजा अब्बासी ने किया। उन्होंने कॉन्फ्रेंस की ओर से किए जा रहे कार्यों पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज, पूर्व मेयर मोहम्मद फरकान, मदहतुल्लाह खान शेरवानी, कॉन्फ्रेंस के कोषाध्यक्ष मोहम्मद अहमद शैवन और संयुक्त सचिव असद यार खान ,प्रोफेसर अमानुल्लाह खान, खुर्शीद अहमद खान, प्रोफेसर सिबगतुल्लाह फारूकी, प्रोफेसर मोहम्मद अलीम, प्रोफेसर परवेज मुस्तजाब, प्रोफेसर नफीस अहमद अंसारी, प्रोफेसर ताजुद्दीन नदीम, अहमद नदीम, मोहम्मद मोहसिन खान, डॉ. अफजाल अहमद, इंजीनियर फिरोज अहमद, राशिद मुस्तफा, मिस लवीजा खान, कुदसिया खान, समीना खान, अनुषा खान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने, जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस तरह के प्रयास महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में कॉन्फ्रेंस के कार्यकारिणी सदस्य, एएमयू के शिक्षक और शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के कार्यकर्ताओं मोहम्मद साबिर, सऊद आरिफ खान, इरम हुसैन जुबैरी और हिलाल शेरवानी का विशेष योगदान रहा।




