यूपी को चार राज्यों में बांटने की मांग तेज, परचम पार्टी और पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा चलाएंगे संयुक्त आंदोलन
अलीगढ़, 28 अक्टूबर (मोहम्मद कामरान)। उत्तर प्रदेश को चार अलग-अलग राज्यों—पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड और पश्चिम प्रदेश—में विभाजित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस मांग को लेकर परचम पार्टी ऑफ इंडिया और पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा ने संयुक्त आंदोलन चलाने का ऐलान किया है। दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने अलीगढ़ प्रेस क्लब में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य के पुनर्गठन की मांग और आगामी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश आबादी और भौगोलिक क्षेत्रफल के लिहाज से देश के बड़े राज्यों में शामिल है। ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने, क्षेत्रीय विकास को गति देने और स्थानीय समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए राज्य के पुनर्गठन पर विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि राज्य को चार हिस्सों में बांटने से प्रत्येक क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार करने में मदद मिल सकती है।
परचम पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजिम इलाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विभाजन की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है और वर्ष 2008 से इस दिशा में आवाज बुलंद की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश के पुनर्गठन का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कर केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन इसके बाद राज्य के विभाजन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
पश्चिम प्रदेश निर्माण मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सत्यपाल यादव और केंद्रीय महासचिव कर्नल सुधीर चौधरी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। उनके अनुसार, अलग पश्चिम प्रदेश राज्य के गठन से प्रशासनिक सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है, स्थानीय समस्याओं का समाधान आसान हो सकता है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं बनाने और लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य के पुनर्गठन की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड और पश्चिम प्रदेश में विभाजित करने से सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने इस मांग को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से आंदोलन तेज करने का संकल्प व्यक्त किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने केंद्र सरकार से राज्य के पुनर्गठन के मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की। दोनों संगठनों के संयुक्त आंदोलन के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश के विभाजन और अलग पश्चिम प्रदेश राज्य के गठन की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है।




