बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में उच्च स्तरीय बैठक में काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों की समीक्षा

काशी तमिल संगमम 5.0 (केटीएस 5.0) की तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा के लिए 3 नवंबर, 2026 को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बी एच यू), वाराणसी में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। उच्च शिक्षा विभाग की सचिव श्रीमती दीप्ति गौर मुखर्जी ने बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी; उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा) श्री अमित कुमार घोष; केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकार, जिला प्रशासन, बीएचयू और भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ अन्य प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान अंतर-विभागीय और जिला स्तर पर प्रशासनिक समन्वय; आईआरसीटीसी द्वारा विशेष रेल परिवहन व्यवस्था और अन्य लॉजिस्टिक्स; बुनियादी ढांचागत सुविधाओं; प्रदर्शनियों; भ्रमण; केटीएस 5.0 के अंतर्गत आयोजित किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि पर चर्चा की गई। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने परिचालन संबंधी तैयारियों का आकलन करने के लिए नमो घाट सहित आयोजन स्थलों के अंदर और बाहर का दौरा भी किया।

केटीएस का पांचवां संस्करण 28 नवंबर से 12 दिसंबर, 2026 तक ‘तिरुक्कुरल पयिल्वोम- तिरुक्कुरल अभ्यास करें’ विषय पर आयोजित किया जाना निर्धारित है। केटीएस 5.0 का उद्देश्य शास्त्रीय तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल के शाश्वत नैतिक और चारित्रिक ज्ञान को देश भर के युवाओं और शिक्षार्थियों के करीब लाना है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत, तमिलनाडु से लगभग 1,400 प्रतिभागी, जिन्हें लगभग 200 व्यक्तियों के सात समूहों में संगठित किया जाएगा, आठ दिवसीय यात्रा करेंगे, जिसमें चार दिन की यात्रा और चार दिन के भ्रमण एवं सुव्यवस्थित कार्यक्रम शामिल होंगे। यात्रा कार्यक्रम में वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या का दौरा शामिल होगा, जिसमें सांस्कृतिक, शैक्षणिक, विषय-विशिष्ट और आध्यात्मिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। तमिलनाडु के 50 शिक्षक भी उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे और केटीएस 5.0 के दौरान स्कूलों और कॉलेजों में तिरुक्कुरल पढ़ाएंगे।

केटीएस 5.0 के लिए वेब पोर्टल और प्रतिनिधियों के पंजीकरण की प्रक्रिया का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने 22 अक्टूबर, 2026 को किया था।

छात्रों के बीच तिरुक्कुरल की व्यापक समझ को बढ़ावा देने के लिए देश भर के 1,000 उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) के माध्यम से एक राष्ट्रव्यापी छात्र सहभागिता कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस पहल में तिरुक्कुरल की शिक्षाओं और मूल्यों के व्यापक प्रसार के लिए सुव्यवस्थित अध्ययन, अनुसंधान और परिसर-आधारित गतिविधियां शामिल होंगी। इसका विवरण डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.केटीएस.सीआईसीटी.इन पर उपलब्ध है।

केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (सीआईसीटी), चेन्नई, डिजिटल पहुंच, प्रकाशनों और संस्थागत सहभागिता की अगुवाई कर रहा है, जबकि आई आई टी मद्रास और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय क्रमशः तमिलनाडु और काशी के लिए नोडल समन्वय संस्थानों के रूप में कार्य कर रहे हैं।

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