एएमयू की विभिन्न इकाइयों ने स्वच्छता, पौधरोपण और हाथ धोने के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की विभिन्न इकाइयों ने स्वच्छता ही सेवा अभियान और वैश्विक हाथ धुलाई दिवस 2026 के अंतर्गत कई गतिविधियां आयोजित कीं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और आम लोगों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बेकार वस्तुओं के पुनः उपयोग और व्यक्तिगत साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया।

विश्वविद्यालय के वीमेन्स पॉलिटेक्निक में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” विषय के अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा अभियान मनाया गया। प्रधानाचार्य प्रो. परवीन फारूकी ने परिसर की स्वच्छता में योगदान के लिए सफाई मित्रों को प्रमाणपत्र प्रदान किए।

प्रो. फारूकी ने स्वच्छता की शपथ दिलाई और “हरित पर्व: एक पेड़ मां के नाम” के अंतर्गत पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पौधे लगाए तथा देशव्यापी “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” श्रमदान पहल के तहत स्वच्छता अभियान में भाग लिया।

अन्य गतिविधियों में स्वच्छता और जल संरक्षण पर संवाद एवं वाद-विवाद, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता और सार्वजनिक स्थानों की सफाई शामिल रही। विद्यार्थियों ने “कबाड़ से कला” गतिविधि के अंतर्गत बेकार वस्तुओं से उपयोगी सामान और कलाकृतियां तैयार कीं। इसके अलावा पुराने पुस्तकों, खिलौनों और कपड़ों के संग्रह के लिए दान अभियान भी चलाया गया। इन गतिविधियों का आयोजन हीना नवाज और डॉ. ओमेराह यूसुफ ने प्रो. परवीन फारूकी के मार्गदर्शन में किया।

इसी क्रम में एएमयू के यूनानी चिकित्सा संकाय के मनाफेउल अजा विभाग ने पर्यावरण संरक्षण और परिसर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से “हरित पर्व: एक पेड़ मां के नाम” के अंतर्गत पौधरोपण अभियान आयोजित किया।

इस अवसर पर यूनानी चिकित्सा संकाय की अधिष्ठाता प्रो. सैयदा आमिना नाज, अजमल खान तिब्बिया कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. बदरुद्दुजा खान और इल्मुल अदविया विभाग के अध्यक्ष प्रो. अब्दुर रऊफ सहित विभाग की शिक्षिकाओं डॉ. आयशा एजाज, डॉ. सबा जैदी, डॉ. हाफिज इक्तिदार अहमद और डॉ. आतिया समद, परास्नातक शोधार्थियों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और पर्यावरण के प्रति दीर्घकालिक जिम्मेदारी विकसित करने में पेड़ों की भूमिका पर जोर दिया गया।

वहीं, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालिज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने वैश्विक हाथ धुलाई दिवस 2026 के अवसर पर अलीगढ़ के जवां गांव स्थित एक विद्यालय में हाथ धोने के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. उजमा इरम के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में हाथों की स्वच्छता के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया गया।

वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. सोहैब हाशमी ने कार्यक्रम के विषय का परिचय दिया, जबकि रेजिडेंट-द्वितीय डॉ. युवराज सिंह ने हाथ धोने की सही विधि का प्रदर्शन किया और साबुन तथा पानी के उपयोग का महत्व समझाया। रेजिडेंट-प्रथम डॉ. रोहन कौशिक ने कार्यक्रम के प्रमुख संदेशों का सार प्रस्तुत किया।

चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ताओं दानिश, तौसीफ और जकिया तथा सिस्टर डोरिस ने कार्यक्रम के संचालन में सहयोग दिया। प्रशिक्षु चिकित्सकों कैफ कदीर, हेरा राशिद, हर्षित जैन और हिरेश ने भी भाग लिया। विद्यालय के बच्चों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में हाथ धोने की सही आदत अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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