एएमयू में ‘आजादी के 250 वर्ष’ विषय पर व्याख्यान, शैक्षणिक शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर चर्चा
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग और पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग ने संयुक्त रूप से सामाजिक विज्ञान संकाय के सम्मेलन कक्ष में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता और शैक्षणिक शोध: आजादी के 250 वर्ष” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया। इसमें शोध, सूचना प्रबंधन और ज्ञान के प्रसार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर चर्चा की गई।
व्याख्यान अमेरिका के शिकागो स्टेट विश्वविद्यालय के कंप्यूटिंग, सूचना एवं गणितीय विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग के एमेरिटस प्रोफेसर प्रो. गेब्रियल गोमेज ने दिया।
उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस प्रकार अकादमिक शोध, आंकड़ों के व्यवस्थित संकलन, सूचना खोज, शोध पद्धतियों और ज्ञान के प्रसार में बदलाव ला रही है। उन्होंने प्रभावी निर्देश तैयार करने के महत्व पर भी जोर दिया। साथ ही, शोधकर्ताओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपकरणों का उपयोग करते समय आंकड़ों के नैतिक इस्तेमाल, संभावित पूर्वाग्रहों और एल्गोरिदम की जवाबदेही के प्रति सजग रहने का आग्रह किया।
कार्यक्रम का समन्वय जनसंचार विभाग की अध्यक्ष प्रो. आफरीना रिज्वी और पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. मेहताब आलम अंसारी ने किया। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के संयोजक प्रो. एम. मासूम रजा और जनसंचार विभाग के सह-संयोजक डॉ. मोहम्मद अनस ने भी आयोजन में सहयोग दिया।
व्याख्यान के बाद संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें दोनों विभागों के शिक्षकों और शोधार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान शैक्षणिक शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उभरते उपयोगों पर चर्चा की गई।



