मोहम्मद इंतखाब ने भरी हुंकार, एएमयू छात्रसंघ अध्यक्ष पद के उम्मीदवार बने सामान्य छात्र-छात्राओं की आवाज
लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली, छात्रों की समस्याओं का समाधान और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना बताया अपना प्रमुख एजेंडा

अलीगढ़, 30 अक्टूबर 2026 (मोहम्मद कामरान)।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार और इतिहास विभाग के छात्र मोहम्मद इंतखाब ने कहा है कि छात्रसंघ की बहाली के बाद चुने जाने वाले प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें देशभर के लोगों की उम्मीदों पर भी खरा उतरना चाहिए। उन्होंने परिसर में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने, छात्रों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने और समाज के वंचित एवं पीड़ित वर्गों की आवाज उठाने को अपना प्रमुख एजेंडा बताया।
गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मोहम्मद इंतखाब ने कहा कि लंबे अरसे के बाद एएमयू में छात्रसंघ की बहाली पूरे देश के लिए खुशी की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि छात्रसंघ में चुनकर आने वाले सभी प्रतिनिधि विश्वविद्यालय की बेहतरी के साथ-साथ देश की तरक्की के लिए भी काम करेंगे और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से उम्मीदें रखने वाले लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे।
लोकतांत्रिक माहौल की बहाली पर जोर
मोहम्मद इंतखाब ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करना और बौद्धिक विमर्श के लिए जगह तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कैंपस में ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था हर जगह दिखाई दे। छात्र पढ़ाई के साथ-साथ हर मुद्दे को तार्किक दृष्टिकोण से देखें और अपनी सोच को विकसित करें। उनके मुताबिक, इससे मुस्लिम समाज के साथ-साथ देश की तरक्की का रास्ता भी मजबूत होगा।
छात्रों की समस्याएं होंगी प्राथमिकता
अध्यक्ष पद के उम्मीदवार ने अपने एजेंडे के बारे में बताते हुए कहा कि परिसर में छात्रों को होने वाली तमाम समस्याएं उनकी प्राथमिकता में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ के माध्यम से इन मुद्दों को उठाकर विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा और उनके समाधान की कोशिश की जाएगी।
अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प
मोहम्मद इंतखाब ने कहा कि उनकी सोच विश्वविद्यालय स्तर तक सीमित नहीं है। वह मुस्लिम अल्पसंख्यकों, समाज के वंचित और हाशिए पर मौजूद वर्गों के साथ-साथ उन सभी लोगों की आवाज उठाना चाहते हैं, जिनके साथ अन्याय होता है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के पक्ष में बोलना और उनके साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना भी छात्रसंघ की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
गौरतलब है कि मोहम्मद इंतखाब एएमयू में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर चले आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। आठ साल के लंबे अंतराल के बाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराए जा रहे हैं। ऐसे में चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवार अपने एजेंडे के जरिए छात्र-छात्राओं के बीच अपनी बात रख रहे हैं।



