500 करोड़ की जमीन पर नगर निगम का कब्जा, एएमयू के कब्जे में रही जमीन पर हुई बड़ी कार्रवाई

अलीगढ़ 20 अगस्त (मोहम्मद कामरान)
अलीगढ़। अलीगढ़ में गुरुवार को नगर निगम और जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भमोला माफी स्थित नगला पटवारी में करीब 3.863 हेक्टेयर यानी लगभग 46 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा प्राप्त कर लिया। नगर निगम के मुताबिक इस बेशकीमती जमीन की अनुमानित कीमत 500 करोड़ रुपये से अधिक है।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा की मौजूदगी में नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जमीन की पैमाइश कराई। इसके बाद जमीन के चारों तरफ तार फेंसिंग कराई गई और नगर निगम की संपत्ति के बोर्ड लगाए गए। अधिकारियों के मुताबिक राजस्व अभिलेखों में यह जमीन ऊसर और बंजर के रूप में दर्ज है।
नगर आयुक्त ने बताया कि कुल 3.863 हेक्टेयर जमीन 10 गाटा संख्याओं में है। राजस्व टीम द्वारा इसकी पैमाइश पहले ही 7 अप्रैल 2025 को की जा चुकी थी, जबकि 16 अप्रैल 2025 को एसडीएम कोल की ओर से नगर निगम को आगे की कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया था।
अधिकारियों के मुताबिक यह जमीन पूर्व में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कब्जे में थी, हालांकि मौके पर जमीन पर एएमयू का कोई निर्माण नहीं मिला। अब नगर निगम ने जमीन पर अपना कब्जा लेते हुए इसे सुरक्षित कर लिया है।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप कब्जे में ली गई इस बेशकीमती जमीन का इस्तेमाल जनहित और शहरहित की परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां पुलिस थाने के अलावा बच्चों के स्कूल, इंटर कॉलेज, अस्पताल और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाओं पर भविष्य में विचार किया जा सकता है।
कार्रवाई के बाद एएमयू कम्युनिटी में चर्चा
वहीं, एएमयू के कब्जे में रही जमीन पर नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद यूनिवर्सिटी कम्युनिटी के अंदर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कार्रवाई को लेकर कुछ लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। एएमयू प्रशासन और टीचर्स एसोसिएशन की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि यदि छात्र संघ सक्रिय होता तो संभव है कि इस तरह की कार्रवाई का विरोध देखने को मिलता। हालांकि यह लोगों की प्रतिक्रिया है और जमीन के स्वामित्व को लेकर एएमयू का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।
एसडीएम कोल डॉ. गजेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में जमीन ऊसर और बंजर दर्ज है और स्वामित्व के आधार पर इसे सरकारी भूमि माना गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन से छेड़छाड़ या दोबारा कब्जे की कोशिश करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान एसडीएम कोल गजेन्द्र पाल सिंह, सहायक नगर आयुक्त तपस्या यादव, एसीएम-2 परितोष मिश्रा, सीओ सर्वम सिंह, संपत्ति विभाग, प्रवर्तन दल, पुलिस और निर्माण विभाग की टीम मौजूद रही।



