अलीगढ़ शेरवानी के 50 साल के शानदार सफर पर विशेष कार्यक्रम 21 अगस्त को

अलीगढ़। (मोहम्मद कामरान)
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की पहचान और यहां की तहज़ीब और रिवायत से गहरे जुड़ी शेरवानी के शानदार सफर और इसके निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मेहंदी हसन टेलर के योगदान को याद करने के लिए 21 अगस्त, शुक्रवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में मगरिब की नमाज़ के बाद आयोजित होगा। कार्यक्रम का शीर्षक “अलीगढ़ शेरवानी के 50 साल का शानदार सफर” रखा गया है। इस दौरान मेहंदी हसन टेलर के योगदान के साथ-साथ अलीगढ़ की शेरवानी के सफर से जुड़े कई दिलचस्प और महत्वपूर्ण पहलुओं को भी सामने रखा जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अब्दुल करीम यूनिवर्सिटी, कटिहार के संस्थापक एवं कुलपति प्रोफेसर अहमद अशफाक करेंगे, जबकि संचालन डॉ. शारिक अकील करेंगे। कार्यक्रम में प्रोफेसर अख्तरुल वासे, प्रोफेसर बसीर अहमद खान, मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी (सांसद रामपुर) प्रोफेसर तारिक मंसूर पूर्व वाइस चांसलर एएमयू, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, लखनऊ, प्रोफेसर मोहम्मद मोहसिन खान, प्रो-वाइस चांसलर एएमयू, प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज पूर्व वाइस चांसलर एएमयू, प्रोफेसर आसिम जफर रजिस्टार एएमयू, प्रोफेसर अतहर अंसारी डीन स्टूडेंट वेलफेयर, और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क अधिकारी प्रोफेसर उमर सलीम पीरजादा समेत कई प्रमुख हस्तियां शिरकत करेंगी।
मेहंदी हसन टेलर के छोटे बेटे अख्तर महंदी ने बताया या है कि 1976 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने अपने छात्रों के लिए शेरवानी को ड्रेस कोड का अनिवार्य हिस्सा बनाया था और इसकी सिलाई की जिम्मेदारी मेहंदी हसन टेलर को सौंपी गई थी। मेहंदी हसन टेलर ने इस जिम्मेदारी को पूरी लगन और मेहनत के साथ निभाया और शेरवानी को एएमयू की पहचान और परंपरा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में अलीगढ़ की शेरवानी की विरासत, इसके बदलते दौर और मेहंदी हसन टेलर के लंबे योगदान पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।



