प्रो. मोहम्मद शब्बीर की पत्नी की संदिग्ध मृत्यु और संपत्ति विवाद पर आमने-सामने आए परिजन
एक पक्ष ने निष्पक्ष जांच और मानसिक रूप से अक्षम बेटे की सुरक्षा की मांग की, दूसरे पक्ष ने आरोपों को बताया निराधार

अलीगढ़ ,12 सितंबर, मोहम्मद कामरान।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व डीन एवं विधि विभाग के चेयरमैन रहे स्वर्गीय प्रो. मोहम्मद शब्बीर की पत्नी डॉ. खान नूर अफरोज की 17 अगस्त 2026 को हुई मृत्यु, उनके अंतिम संस्कार की परिस्थितियों, उनके पुत्र साद मोहम्मद की सुरक्षा तथा परिवार की संपत्तियों को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में प्रो. मोहम्मद शब्बीर के भाई मोहम्मद सईद पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद हनीफ, तथा उनके भतीजे शुजातुल्लाह ने पुलिस एवं प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, प्रो. शब्बीर की बेटी ऐश मोहम्मद बेटे साद मोहम्मद और दामाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
मोहम्मद सईद और शुजातुल्लाह ने उठाए मृत्यु और संपत्ति को लेकर सवाल
मोहम्मद सईद और शुजातुल्लाह का आरोप है कि डॉ. खान नूर अफरोज की 17 अगस्त को मृत्यु के बाद उनके निकट परिवारजनों को समय पर सूचना नहीं दी गई और कथित रूप से परिवार को सूचित किए बिना अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने मृत्यु की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए पुलिस से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उनका कहना है कि डॉ. खान नूर अफरोज के पुत्र साद मोहम्मद मानसिक रूप से सक्षम नहीं हैं और अपने व्यक्तिगत एवं संपत्ति संबंधी मामलों में स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने उन्हें अपने नियंत्रण में रखा हुआ है और परिवारजनों से स्वतंत्र रूप से संपर्क नहीं करने दिया जा रहा है।
मोहम्मद सईद और शुजातुल्लाह ने आशंका जताई है कि साद मोहम्मद की मानसिक स्थिति का लाभ उठाकर संपत्ति से संबंधित दस्तावेज तैयार अथवा निष्पादित कराए जा सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से साद मोहम्मद की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उनका स्वतंत्र चिकित्सकीय मूल्यांकन कराने की मांग की है।
संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच की मांग
मोहम्मद सईद और शुजातुल्लाह की ओर से स्वर्गीय प्रो. मोहम्मद शब्बीर और डॉ. खान नूर अफरोज की चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग भी की गई है। इसमें रजिस्ट्री, बैनामा, वसीयत, पावर ऑफ अटॉर्नी, हिबानामा, राजस्व अभिलेख और बैंक लेन-देन सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की मांग शामिल है।
उनका कहना है कि यदि किसी दस्तावेज में कूटरचना या धोखाधड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही मृत्यु और अंतिम संस्कार से संबंधित रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है।
ऐश मोहम्मद, साद मोहम्मद और दामाद ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, प्रो. मोहम्मद शब्बीर की बेटी ऐश मोहम्मद, बेटे साद मोहम्मद और दामाद ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ रिश्तेदार उनके माता-पिता के निधन के बाद संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से भ्रामक और मनगढ़ंत बातें कर रहे हैं तथा लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रो. शब्बीर की बेटी ऐश मोहम्मद ने कहा कि उनके और परिवार के बारे में कई तरह की गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि उन्हें अगवा कर लिया गया है, जबकि वह स्वयं प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी ने अगवा नहीं किया और न ही किसी ने परेशान किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से शादी की है और वह अपने परिवार के साथ हैं।
ऐश मोहम्मद ने कहा कि उनके माता-पिता के जीवित रहते जिन रिश्तेदारों ने उनसे कोई संपर्क नहीं रखा, वे अब उनके निधन के बाद अचानक अपनापन दिखा रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे आरोपों से परिवार को मानसिक रूप से और अधिक परेशानी हो रही है।
ऐश मोहम्मद ने कहा—मां को गुजरे 40 दिन भी नहीं हुए
ऐश मोहम्मद ने कहा कि उनकी मां को गुजरे अभी 40 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं और इस तरह के गंभीर आरोप लगाकर उन्हें और अधिक दुख पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाने वाले रिश्तेदारों की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके माता-पिता की संपत्ति पर गलत नजर रखी जा रही है।
परिवार ने कहा कि वह अपने माता-पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं और उनके निधन के बाद लगाए जा रहे आरोपों से परिवार को अनावश्यक रूप से विवाद में घसीटा जा रहा है।
दोनों पक्षों के आरोपों के बीच निष्पक्ष जांच की मांग
मोहम्मद सईद और शुजातुल्लाह जहां डॉ. खान नूर अफरोज की मृत्यु की परिस्थितियों, साद मोहम्मद की सुरक्षा और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं ऐश मोहम्मद, साद मोहम्मद और उनके दामाद इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे संपत्ति विवाद से जोड़ रहे हैं।
दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। अब पुलिस और प्रशासन की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डॉ. खान नूर अफरोज की मृत्यु की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, साद मोहम्मद की स्थिति क्या है और संपत्ति से संबंधित लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोपों को जांच पूरी होने से पहले तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
अलीगढ़ से मोहम्मद कामरान रिपोर्ट



