सभी मांगों के सौहार्दपूर्ण समाधान के बाद एएमयू के छात्रों ने धरना समाप्त किया

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों का 19 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन आज विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उनकी सभी मांगें स्वीकार किए जाने के बाद समाप्त हो गया। प्रदर्शन में स्नातकोत्तर छात्र यासिर फहद की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शामिल थी। छात्रों की प्रमुख मांगों में एएमयू छात्रसंघ के चुनाव कराना भी शामिल था।
कुलपति प्रो. नइमा खातून ने धरनास्थल पर पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की और यासिर फहद को जूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराई। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने उनके शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रवैये की सराहना की तथा छात्र कल्याण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रो. खातून ने कहा कि आपका विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और सिद्धांतों पर आधारित रहा है तथा इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस भावना की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय ने आपकी सभी मांगें स्वीकार कर ली हैं। इन दिनों मेरी सबसे बड़ी चिंता यासिर फहद का स्वास्थ्य था, क्योंकि प्रत्येक छात्र का कल्याण इस विश्वविद्यालय की पहली जिम्मेदारी है। संवाद ने हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया है। मैं आप सभी से अपील करती हूं कि विश्वास और शांति की इसी भावना को परिसर के जीवन में भी बनाए रखें।
यह समाधान विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच कई दौर की बैठकों के बाद निकला। इन बैठकों में छात्रों की चिंताओं पर चर्चा की गई और गतिरोध समाप्त करने के प्रयास किए गए।
उल्लेखनीय है कि छात्रों की दो प्रमुख मांगें एएमयू छात्रसंघ चुनावों की घोषणा और प्रॉक्टर को बदलना विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वीकार कर ली हैं। राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी को विश्वविद्यालय का नया प्रॉक्टर नियुक्त किया गया है। उन्होंने व्यवसाय प्रशासन विभाग के प्रो. मोहम्मद नवेद खान का स्थान लिया है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने विधि विभाग के प्रो. जावेद तालिब को एएमयू छात्रसंघ चुनाव कराने के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए वीमेंस कॉलेज के स्नातक छात्रसंघ चुनावों के लिए अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर प्रो. नाजिया हसन को मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है।
यासिर फहद और अन्य प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुद्दे के समाधान पर संतोष व्यक्त किया। धरनास्थल पर कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के समर्थन में नारे लगाए गए, जो छात्रों की मांगें स्वीकार किए जाने और आंदोलन समाप्त होने पर उनकी प्रतिक्रिया को दर्शाते हैं। छात्रों ने तत्काल प्रभाव से स्वेच्छा से धरनास्थल खाली कर दिया।
इस अवसर पर सहकुलपति प्रो. एम. मोहसिन खान, रजिस्ट्रार प्रो. आसिम जफर, डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) प्रो. एम. अतहर अंसारी, प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी, कुलपति के ओएसडी प्रो. असफर अली खान, चुनाव अधिकारी प्रो. जावेद तालिब, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मुजीब उल्लाह जुबेरी, वित अधिकारी नूरूस सलाम, सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र (सीईसी) के समन्वयक प्रो. एम. रिजवान खान, ओएसडी चयन समिति प्रो. एम. सरोश उमर, जनसंपर्क कार्यालय की मेंबर इंचार्ज (एमआईसी-पीआरओ) प्रो. विभा शर्मा, एप्लाइड गणित विभाग के अध्यक्ष प्रो. नबीउल्लाह खान, भाषाविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. एम. जे. वारसी तथा बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
छात्रों की मांगें स्वीकार होने के साथ आंदोलन समाप्त हो गया है, जिससे परिसर में सामान्य स्थिति बहाल होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह समाधान छात्र समस्याओं के निपटारे में संवाद के महत्व और विश्वविद्यालय के कामकाज में निर्वाचित एवं प्रतिनिधित्वकारी छात्रसंघ की भूमिका को भी रेखांकित करता है।



