एएमयू ने अलीगढ़ मंडल में जल जीवन मिशन पर प्रभाव अध्ययन शुरू किया

TNN समाचार : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में भारत सरकार की “हर घरजल” पहल के सामाजिक-आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों का आकलन करने के लिए जल जीवन मिशन (जेजेएम) का एक व्यापक प्रभाव अध्ययन प्रारंभ किया है।
इस अध्ययन का उद्देश्य फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन्स (एफएचटीसी) के माध्यम से सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता से हुए बदलाव का विश्लेषण, विशेष रूप से अलीगढ़ मंडल के गांवों में जीवन की गुणवत्ता पर इसके प्रभाव का मूल्यांकन करना है।
मैदानी कार्य का पहला चरण धनीपुर ब्लॉक के भोजपुर गांव से शुरू हुआ, जिसके लिए जिला परियोजना प्रबंधन इकाई और उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई, ताकि प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
शोध दल में प्रो. नसीम अहमद खान, डॉ. मोहम्मद ताहिर, डॉ. कुर्रतुल ऐन अली, डॉ. मोहम्मद आरिफ खान, डॉ. शायना सैफ, डॉ. अंदलीब, डॉ. मोहम्मद उजैर, डॉ. समीरा खानम और डॉ. अनम आफताब शामिल हैं। इनके साथ शोध सहायक डॉ. ताहा फातिमा और मोहम्मद समीर खान तथा फील्ड अन्वेषक मोहम्मद बिलाल खान, हमजा अली, मुजफ्फर हाशमी, अब्दुल हन्नान, माज फारूक और मोहम्मद मोहसिन भी कार्य कर रहे हैं।
यह अध्ययन बहुआयामी पद्धति पर आधारित है, जिसमें गृह सर्वेक्षण, विशेष रूप से महिलाओं के साथ समूह चर्चा (फोकस ग्रुप डिस्कशन) तथा ग्राम प्रधानों, आशा कार्यकर्ताओं और विद्यालय अधिकारियों जैसे स्थानीय हितधारकों के साथ साक्षात्कार शामिल हैं।
इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार, विशेष रूप से जलजनित रोगों में कमी, तथा सामाजिक परिणामों जैसे जल संग्रहण में लगने वाले समय में कमी के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण का आकलन करना है। अध्ययन में अवसंरचना की स्थिरता, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के कार्य और जल गुणवत्ता निगरानी तंत्र का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
अलीगढ़ के बाद इस परियोजना को हाथरस, कासगंज और एटा जिलों तक विस्तारित किया जाएगा, जिससे जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को सुदृढ़ करने और सुरक्षित पेयजल की समान पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण फीडबैक प्राप्त होगा।



