एएमयू में ‘Coexistence and World’s Religions’ सेमिनार पर विवाद, प्रशासन ने बनाई दूरी, कार्यक्रम फीका पड़ा

अलीगढ़ 10 अप्रैल (मोहम्मद कामरान) : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में शुक्रवार को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार “Coexistence and World’s Religions” विवादों में घिर गया। कार्यक्रम का आयोजन एएमयू के धर्मशास्त्र (थियोलॉजी सुन्नी) विभाग द्वारा किया गया था, लेकिन अंतिम समय में विश्वविद्यालय प्रशासन ने इससे दूरी बना ली, जिसके चलते कार्यक्रम का असर काफी कम दिखाई दिया।
जानकारी के मुताबिक, इस सेमिनार में देश के विभिन्न धर्मों और विचारधाराओं से जुड़े कई वक्ताओं को आमंत्रित किया गया था। इनमें सामाजिक चिंतक राम पुनियानी का नाम भी शामिल था। बताया जा रहा है कि कुछ आमंत्रित वक्ताओं को लेकर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद मामला उच्च स्तर तक पहुंच गया।

सूत्रों के अनुसार, इस कार्यक्रम को लेकर मंत्रालय स्तर तक सवाल उठाए गए कि एएमयू में इस प्रकार का आयोजन क्यों किया जा रहा है और किन व्यक्तियों को बुलाया गया है। इसके बाद कथित तौर पर राम पुनियानी का कार्यक्रम रद्द करा दिया गया।
विवाद बढ़ने के बाद एएमयू प्रशासन ने इस सेमिनार से पूरी तरह दूरी बना ली। हालांकि कार्यक्रम तय समय पर शुरू हुआ, लेकिन अपेक्षित भीड़ नहीं जुट सकी और आयोजन काफी फीका नजर आया।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर उठे विरोध से हुई, जिसने धीरे-धीरे बड़ा रूप ले लिया। इसके बाद शिकायतें दर्ज हुईं और कार्यक्रम पर असर पड़ा।
अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब कार्यक्रम पहले से तय और सार्वजनिक था, तो इसमें वक्ताओं को आमंत्रित करने की प्रक्रिया कैसे हुई? साथ ही, शिकायत किस स्तर से की गई और किस आधार पर कार्यक्रम में बदलाव किए गए?
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एएमयू परिसर में चर्चाओं का दौर जारी है और सवाल खड़े हो रहे हैं।



