एएमयू सुरक्षित और समावेशी शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध : प्रोफेसर समीना खान

कैंपस में सुरक्षा और जेंडर कल्याण की मैपिंग पर महत्वपूर्ण वर्कशॉप का आयोजन

अलीगढ़, 21 अप्रैल (मोहम्मद कामरान)

एएमयू के एडवांस्ड सेंटर फॉर वीमेंस स्टडीज़ (ACWS) द्वारा इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) और डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) के सहयोग से
“कैंपस में सुरक्षा और जेंडर कल्याण की मैपिंग: एक सहभागिता आधारित कैंपस ऑडिट एवं कार्यशाला”
के शीर्षक से एक महत्वपूर्ण वर्कशॉप का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एसीडब्ल्यूएस के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें एसीडब्ल्यूएस की निदेशक प्रोफेसर अजरा मुसवी ने स्वागत भाषण दिया। इसके बाद इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी की प्रेसीडिंग ऑफिसर प्रोफेसर समीना खान ने उद्घाटन संबोधन प्रस्तुत किया, जबकि डिप्टी डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर सुबुही खान ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

प्रोफेसर समीना खान ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा और जेंडर संवेदनशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार के सहभागिता आधारित कार्यक्रम छात्रों को अपने अनुभव और समस्याएं साझा करने का अवसर देते हैं, जिससे संस्थागत स्तर पर सुधार का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि एएमयू एक सुरक्षित और समावेशी शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रोफेसर अजरा मुसवी ने बताया कि इस वर्कशॉप का उद्देश्य छात्रों के अनुभवों के आधार पर कैंपस में सुरक्षा की स्थिति का आकलन करना और जेंडर वेल-बीइंग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में छात्रों को विभिन्न गतिविधियों, अपने अनुभवों और चुनौतियों की पहचान तथा समूह चर्चा के माध्यम से अपनी राय रखने का अवसर दिया गया, ताकि कैंपस को और अधिक सुरक्षित एवं समावेशी बनाया जा सके।

गौरतलब है कि विभिन्न सत्रों के दौरान छात्रों ने व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए कैंपस के अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और संभावित समाधान प्रस्तुत किए।

वर्कशॉप में अलीगढ़ साइबर क्राइम ब्रांच के प्रतिनिधियों ने डिजिटल सुरक्षा, साइबर जागरूकता और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार पर विशेष व्याख्यान दिया।कार्यक्रम के समापन सत्र में मुख्य बिंदुओं का सार प्रस्तुत किया गया और अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।यह वर्कशॉप छात्रों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा एक सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी शैक्षणिक वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनमें विशेष रूप से डॉ. जूही गुप्ता, डॉ. शिराज अहमद सहित कई गणमान्य लोग शामिल थे।

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