डिजिटल दौर में किताबों की अहमियत कम नहीं, बल्कि और बढ़ गई है: डॉ. मोहम्मद सुहैल अख्तर

अलीगढ़, 24 अप्रैल (मोहम्मद कामरान)
किताबें इंसान की सबसे बेहतरीन मार्गदर्शक और सच्ची दोस्त होती हैं। इन विचारों का इज़हार डॉ. मोहम्मद सुहैल अख्तर ने वर्ल्ड बुक डे के मौके पर किया।
उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे डिजिटल दौर में जी रहे हैं, जहां जानकारी तक पहुंच बेहद आसान हो गई है, लेकिन इस सुविधा के बावजूद किताबों की अहमियत कम नहीं हुई, बल्कि पहले से ज्यादा बढ़ गई है।
डॉ. सुहैल अख्तर ने कहा कि किताबें न सिर्फ ज्ञान में वृद्धि करती हैं, बल्कि सोचने, समझने और सही फैसले लेने की क्षमता भी विकसित करती हैं। डिजिटल माध्यम अक्सर तात्कालिक और सतही जानकारी देते हैं, जबकि किताबें गहराई, शोध और वैचारिक परिपक्वता प्रदान करती हैं।
उन्होंने नई पीढ़ी से अपील की कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के उपयोग के साथ-साथ किताब पढ़ने की आदत भी जरूर विकसित करें। उनका कहना था कि सफल व्यक्तियों के जीवन का अध्ययन करने पर यह स्पष्ट होता है कि उनका किताबों से गहरा संबंध रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि किताबें केवल शैक्षिक प्रगति का माध्यम ही नहीं हैं, बल्कि एक सभ्य, चरित्रवान और जागरूक समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अंत में उन्होंने छात्रों और युवाओं को संदेश दिया कि वे रोजाना कुछ समय किताबों के लिए जरूर निकालें और ज्ञान के इस खजाने से पूरा लाभ उठाएं।



