युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित, डॉ. ज़ाकिर हुसैन फाउंडेशन ने समाजसेवियों और विशेषज्ञों को किया सम्मानित

अलीगढ़, मई 2026।
डॉ. ज़ाकिर हुसैन फाउंडेशन द्वारा अपने प्रमुख अभियान “इंटेलेक्चुअल होराइजन्स” के अंतर्गत 23वीं वार्षिक बैठक एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। “मानसिक स्वास्थ्य: संकट में युवा” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से शिक्षाविदों, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न क्षेत्रों के बुद्धिजीवियों ने भाग लिया तथा युवाओं में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर गंभीर चर्चा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. शारिक अकील, श्री असजद अली खान एवं सुश्री आयशा तनवीर के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने वर्ष 2004 से फाउंडेशन द्वारा समाजसेवा, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्था “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है” के मूल सिद्धांत पर कार्य कर रही है। उन्होंने सखी उड़ान, शिक्षा ज्योति और अन्य सामाजिक अभियानों के माध्यम से हजारों लोगों तक सहायता पहुँचाने की जानकारी दी।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ZHF अवॉर्ड समारोह 2026 रहा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। ZHF लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से पद्मश्री ज़फ़र इक़बाल, प्रो. (डॉ.) मसूद हुसैन सिद्दीकी, श्रीमती रेखा गुप्ता, प्रो. सुहैल सबीर एवं डॉ. राहत अबरार को सम्मानित किया गया। वहीं ज़ाकिर हुसैन मेमोरियल अवॉर्ड प्रो. सलाहुद्दीन कुरैशी, प्रो. अब्दुल लतीफ़, प्रो. हुमा ख़्वाजा, डॉ. दीनानाथ यादव, डॉ. आरिफ मुस्तकीम, श्री सुलेमान मोहम्मद खान, श्रीमती रीना भारतीया, डॉ. आदिल रज़ा, डॉ. आफ़ताब आलम, डॉ. विकास मेहरोत्रा एवं श्री साद हमीद को प्रदान किए गए। इसके अलावा ZHF विज़नरी वर्व अवॉर्ड से प्रो. फ़ातिमा खान, डॉ. सुबूही रिज़वी, डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, श्रीमती फरयाल शादाब, डॉ. सना सलीम खान, श्रीमती तैबा खान, डॉ. सलमा जावेद एवं श्रीमती गीतिका सिंह को सम्मानित किया गया।
फाउंडेशन की सह-संस्थापक एवं निदेशक डॉ. साजिदा नदीम खान ने अपने संबोधन में कहा कि आज का युवा अपार संभावनाओं से भरपूर है, लेकिन वह बढ़ते मानसिक दबाव, प्रतिस्पर्धा, सामाजिक अपेक्षाओं और भावनात्मक चुनौतियों का सामना भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने और युवाओं के लिए सहायक वातावरण तैयार करने की आवश्यकता है।
संगोष्ठी के अंतर्गत आयोजित पैनल चर्चा का संचालन डॉ. सारा जावेद ने किया। चर्चा में पूर्व IPS एवं मॉरीशस के NSA रहे श्री शंतनु मुखर्जी, श्री अजय चौधरी (IPS), क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. प्रेरणा कोहली, प्रो. रूमाना एन. सिद्दीकी, प्रो. सलमा अहमद, प्रो. समीना खान, डॉ. सुबूही रिज़वी, श्रीमती रेखा गुप्ता एवं श्री एम. आसिफ हबीब सहित अन्य विशेषज्ञों ने भाग लिया। पैनल में युवाओं में बढ़ते तनाव, सोशल मीडिया और डिजिटल प्रभाव, सामाजिक अपेक्षाओं तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए प्रारंभिक हस्तक्षेप, खुला संवाद और परिवार, शिक्षण संस्थानों तथा समाज के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री नदीम राजा ने कहा कि डॉ. ज़ाकिर हुसैन फाउंडेशन का उद्देश्य समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, जागरूकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा, “हम लगातार ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं जो समाज में सकारात्मक सोच, जागरूकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा दें। युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य आज एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा बन चुका है और इसे लेकर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। फाउंडेशन भविष्य में भी शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में अपने प्रयास जारी रखेगा।”
कार्यक्रम में फाउंडेशन के उपाध्यक्ष श्री सैयद मोहम्मद तौकीर आलम के योगदान की भी सराहना की गई। अंत में सीए फैसल फ़रीदी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी, चिकित्सक, शिक्षाविद, उद्यमी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे।



