आईसीएसएसआर, एनसीपीयूएल और नमो अध्ययन केन्द्र संयुक्त तत्वाधान में एआई राष्ट्रीय एजुकेशन समिट का आयोजन किया है; हमें पूरे देश से बहुत ही सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है: प्रो जसीम मोहम्मद

सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ द्वारा के एआई एजुकेशन समिट 2026 को देशभर से मिली अकादमिक रुचि, रजिस्ट्रेशन की तारीखें 20 मई तक बढ़ाई गईं

TNN समाचार : एआई राष्ट्रीय एजुकेशन समिट 2026 के कार्यक्रम के अनुसार, रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 20 मई 2026 तक बढ़ा दी गई है। कार्यक्रम के सह शोधार्थी तुषिता भंडारी ने बताया कि यह फैसला विद्वानों, फैकल्टी सदस्यों, शोधकर्ताओं और संस्थानों से बड़ी संख्या में मिले अनुरोधों के बाद लिया गया, जिन्होंने अपने शोध पत्र के रजिस्ट्रेशन पूरे करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था।

सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ के चेयरमैन प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि एआई शिखर सम्मेलन को मिली प्रतिक्रिया बेहद उत्साहजनक रही है और यह शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका के प्रति बढ़ती राष्ट्रीय रुचि को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, स्कूलों, नीति-निर्धारक संगठनों और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के प्रतिभागियों ने एआई-आधारित शैक्षिक सुधारों और नवाचारों से जुड़ी चर्चाओं में योगदान देने के लिए गहरी रुचि दिखाई है।

यह शिखर सम्मेलन, जिसका संयुक्त आयोजन भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ और राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (NCPUL)—शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार—द्वारा किया जा रहा है, शनिवार, 23 मई 2026 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा, “हमें पूरे देश से बहुत ही सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। कई विद्वानों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने समिट में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन अपने एब्स्ट्रैक्ट (सारांश) और रजिस्ट्रेशन की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय का अनुरोध किया। सम्मेलन के अकादमिक महत्व और प्रतिभागियों द्वारा दिखाए गए उत्साह को देखते हुए, हमने समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया, ताकि अधिक सार्थक योगदान इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बन सकें।”

डॉक्टर दौलत राम एवं प्रो दिव्या तंवर ने आगे बताया कि इस समिट का उद्देश्य एक गंभीर अकादमिक और नीति-उन्मुख मंच तैयार करना है, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े अवसरों और चुनौतियों, दोनों पर चर्चा कर सकें। उनके अनुसार, एआई अब केवल प्रौद्योगिकी तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह शिक्षण पद्धतियों, शोध प्रणालियों की पहुंच, सीखने के परिणामों और शैक्षिक प्रशासन में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में उभरा है।

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