माँ हीराबेन मोदी की जयंती पर ‘नमो विकसित भारत संवाद’ का शुभारंभ, मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों और महिला-नेतृत्व वाले विकास पर होगी राष्ट्रीय विमर्श श्रृंखला

टीएनएन समाचार,17 जून: माँ हीराबेन मोदी की जयंती के अवसर पर सेन्टर फॉर नमो स्ट्डीज द्वारा आयोजित भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से, 18 जून 2026 को राष्ट्रीय सेमिनार श्रृंखला “नमो विकसित भारत संवाद” के उद्घाटन सत्र का आयोजन करेगा। यह सेमिनार नरेंद्र मोदी सरकार के बारह वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है और इसमें महिला सशक्तिकरण, महिला-नेतृत्व वाले विकास और ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने में उनकी भूमिका जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

सेमिनार का पहला सत्र “विकसित भारत की नींव के रूप में नारी शक्ति” विषय पर चर्चा करेगा। पटना उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और पंजाब में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष, जस्टिस इकबाल अहमद अंसारी इस सत्र की अध्यक्षता करेंगे, जबकि राजमाता अंबिका अन्नपूर्णा जी खीर भवानी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

पैनल चर्चा में अलीगढ़ जिले के सिकंदरपुर माछुआ गाँव की ग्राम प्रधान श्रीमती कल्पना सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता और शिक्षाविद् श्री श्याम जाजू, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आमना मिर्जा और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अपर्णा सिंह शामिल होंगी।

सेमिनार का दूसरा सत्र “कल्याण से महिला-नेतृत्व वाले विकास” विषय पर केंद्रित होगा। इस सत्र की अध्यक्षता असम के पूर्व राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी करेंगे।

दूसरे सत्र में विशिष्ट प्रतिभागियों में मिशन सर्वार्थ सेवा फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. बसंत गोयल और राष्ट्रीय इमाम संगठन, नई दिल्ली के मुख्य इमाम डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी सम्मानित विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शिक्षा मंत्रालय के तहत ‘नेशनल काउंसिल फ़ॉर प्रमोशन ऑफ़ उर्दू लैंग्वेज’ (एनसीपीयूएल) के निदेशक डॉ. मो. शम्स इक़बाल मुख्य विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होंगे, जबकि नई दिल्ली स्थित ‘दिव्य फ़ाउंडेशन’ की प्रो. दिव्या तंवर, डॉक्टर दीबा एवं डॉक्टर स्वाति एस मिश्रा वरिष्ठ पैनलिस्ट के तौर पर हिस्सा लेंगी।

‘सेंटर फ़ॉर नमो स्टडीज़’ (सीएनएमएस) के संस्थापक और अध्यक्ष प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा, “‘नमो विकसित भारत संवाद’ श्रृंखला का मक़सद एक ऐसा गंभीर अकादमिक और बौद्धिक मंच बनाना है, जहाँ पिछले बारह वर्ष सेवाकाल में भारत में आए बड़े बदलावों का आकलन किया जा सके।”

प्रो जसीम मोहम्मद ने बताया कि, “हमारी जानकारी के मुताबिक, सेन्टर फॉर नमो स्ट्डीज देश का पहला ऐसा चिंतन मंच है, जिसने नरेंद्र मोदी सरकार के बारह सालों पर आधारित बारह सेमिनारों की एक विशेष राष्ट्रीय श्रृंखला आयोजित की है। इस पहल का मक़सद उपलब्धियों को दर्ज करना, जानकारीपूर्ण चर्चाओं को बढ़ावा देना और राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button