जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ‘राजभाषा हिन्दी एवं विभिन्न कार्यालयों में उसका प्रयोग’ विषयक 6-दिवसीय ऑनलाइन अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

टीएनएन समाचार : जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC) द्वारा आयोजित 6-दिवसीय ऑनलाइन अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम “राजभाषा हिन्दी एवं विभिन्न कार्यालयों में उसका प्रयोग” का उद्घाटन आज गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रोफेसर मज़हर आसिफ एवं कुलसचिव प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिज़वी के मार्गदर्शन तथा प्रोफेसर कुलविंदर कौर, निदेशक, मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र और इस कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आसिफ उमर,एसोसिएट प्रोफेसर हिन्दी विभाग जामिया मिल्लिया इस्लामिया के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राजभाषा विभाग के संयुक्त निदेशक (कार्यान्वयन) एवं परामर्शदाता श्री कुमार पाल शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में राजभाषा हिन्दी के प्रभावी क्रियान्वयन, संवैधानिक प्रावधानों तथा कार्यालयी कार्यों में हिन्दी के बढ़ते महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में हिन्दी का प्रभावी प्रयोग सुशासन, पारदर्शिता और जनसंपर्क को सशक्त बनाता है।
हिन्दी विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के अध्यक्ष प्रोफेसर नीरज कुमार ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए प्रतिभागियों का अभिनंदन किया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों और प्रतिभागियों में राजभाषा हिन्दी के प्रति व्यावहारिक समझ और दक्षता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आसिफ उमर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्यों तथा छह दिवसीय शैक्षणिक सत्रों की जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में देशभर के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालय से सम्मिलित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राजभाषा हिन्दी के प्रभावी एवं व्यवहारिक प्रयोग को नई दिशा प्रदान करेगा।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर कुलविंदर कौर ने कहा कि मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य शिक्षकों के सतत् व्यावसायिक विकास के साथ-साथ भारतीय भाषाओं, विशेषकर राजभाषा हिन्दी के संवर्धन एवं कार्यालयी उपयोग को बढ़ावा देना है और उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों में राजभाषा हिन्दी के प्रति व्यावहारिक समझ विकसित करते हैं।उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम का पूर्ण लाभ उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ तथा देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से उद्घाटन सत्र में सहभागिता की। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें राजभाषा नीति, कार्यालयी हिन्दी, प्रशासनिक लेखन, ई-कार्यालय में हिन्दी का प्रयोग तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।



