शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एएमयू और चेक गणराज्य के वीएसबी-तकनीकी विश्वविद्यालय के बीच करार

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा देते हुए चेक गणराज्य के वीएसबी-तकनीकी विश्वविद्यालय, ओस्ट्रावा के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और तकनीकी विकास के क्षेत्र में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना है।
यह समझौता कुलपति कार्यालय में संपन्न हुआ। इससे एएमयू के वैश्विक शैक्षणिक विस्तार को नई गति मिलेगी तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन एवं शोध के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
एएमयू की ओर से कुलसचिव प्रो. आसिम जफर ने कुलपति प्रो. नइमा खातून, सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. निसर अहमद, जाकिर हुसैन इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी कालिज के प्राचार्य प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल तथा शोध एवं विकास निदेशालय के निदेशक प्रो. उमर फारूक की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए।
वीएसबी-तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल में पदार्थ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संकाय की अधिष्ठाता प्रो. इंग. कमिला यानोव्स्का, अध्ययन मामलों की उप अधिष्ठाता प्रो. कातेर्जीना स्कोटनिकोवा, प्रो. इंग. व्लास्तिमिल मातेयका तथा शोध वैज्ञानिक डॉ. के. प्रवीणकुमार शामिल थे। दोनों विश्वविद्यालयों ने इसे साझा शैक्षणिक मूल्यों और शोध उद्देश्यों पर आधारित दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत बताया।
पांच वर्ष की अवधि के इस समझौते के तहत छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध परियोजनाएं, शैक्षणिक भ्रमण, प्रशिक्षण, संयुक्त शोध प्रकाशन, ज्ञान साझा करने तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे बहुविषयक शोध को प्रोत्साहन मिलेगा और विद्यार्थियों व शोधार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक वातावरण में कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. नइमा खातून ने कहा कि यह समझौता एएमयू की वैश्विक सहभागिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों की बौद्धिक क्षमता को एक मंच पर लाकर यह साझेदारी शोध, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि सार्थक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से विश्वविद्यालय ज्ञान का आदान-प्रदान करते हैं, एक-दूसरे की विशेषज्ञता का लाभ उठाते हैं और वैश्विक महत्व की वैज्ञानिक एवं तकनीकी चुनौतियों का मिलकर समाधान खोजते हैं।
जाकिर हुसैन इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल ने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों और शिक्षकों को विश्वस्तरीय शोध वातावरण तथा उन्नत तकनीकी कार्यप्रणालियों से परिचित होने का अवसर देगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संयुक्त शोध, शिक्षक संवाद और छात्र आदान-प्रदान से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, बहुविषयक अध्ययन को प्रोत्साहन मिलेगा तथा समकालीन सामाजिक चुनौतियों के समाधान विकसित करने में सहायता मिलेगी।
चेक गणराज्य से आए प्रतिनिधिमंडल ने एएमयू की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग तथा संयुक्त शोध गतिविधियों को नई दिशा देगा।
यह समझौता एएमयू की अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहाहै। विश्वविद्यालय पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न विदेशी संस्थानों के साथ शैक्षणिक साझेदारी, संयुक्त शोध परियोजनाओं तथा छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी वैश्विक उपस्थिति लगातार सुदृढ़ कर रहा है।
समारोह का समापन स्मृति-चिह्नों के आदान-प्रदान तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर दोनों संस्थानों ने ज्ञान, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।



