एएमयू में प्रॉक्टोरियल टीम पर ‘तानाशाही’ के आरोप, छात्र ने शुरू की भूख हड़ताल

अलीगढ़, 21 सितंबर (मोहम्मद कामरान)। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया है। करीब आठ साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। छात्र नेता यासर फहद ने 19 सितंबर को विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर 48 घंटे में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रदर्शन और भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी।
48 घंटे पूरे होने के बाद सोमवार को यासर फहद अपने समर्थक छात्रों के साथ डक प्वाइंट पहुंचे। वहां पहले से बड़ी संख्या में प्रॉक्टोरियल टीम और सुरक्षा कर्मी मौजूद थे। छात्रों ने धरना देकर भूख हड़ताल शुरू करने की कोशिश की, लेकिन प्रॉक्टोरियल टीम ने उन्हें बैठने से रोक दिया। इस दौरान छात्रों और प्रॉक्टोरियल टीम के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही। बाद में बड़ी संख्या में छात्र मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी।

यासर फहद ने आरोप लगाया कि प्रॉक्टोरियल टीम पूरी तरह ‘तानाशाही’ पर उतर आई है और छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने के उनके लोकतांत्रिक अधिकार से भी रोका जा रहा है। उन्होंने प्रॉक्टोरियल टीम पर मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कहा कि धक्का-मुक्की के दौरान उनके कपड़े खींचे गए और निजी अंग पर भी चोट मारी गई, जिससे उन्हें काफी तकलीफ हुई।
इस बीच, प्रदर्शन और भूख हड़ताल का ऐलान करने वाले यासर फहद को प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद नावेद खान ने सोमवार सुबह ही निलंबित कर दिया था। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उन पर 14 सितंबर को अब्दुल्ला हॉल में हुए हंगामे के दौरान छात्राओं को कथित रूप से उकसाने और बिना अनुमति कैंपस में प्रदर्शन करने समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं।
प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद नावेद खान का कहना है कि छात्र के खिलाफ कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। उन्होंने बताया कि छात्र को मामले में बातचीत के लिए चार-पांच बार प्रॉक्टर कार्यालय बुलाया गया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।

वहीं यासर फहद ने सवाल उठाया कि जब वह 19 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर ज्ञापन देने प्रॉक्टर कार्यालय पहुंचे थे, तब उनसे बातचीत क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रसंघ चुनाव की तारीख और मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति नहीं की जाती, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि अपनी भूख हड़ताल की सूचना जिला प्रशासन, एसडीएम, एसएसपी, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोग को भी ई-मेल के माध्यम से दी है। खबर लिखे जाने तक डक प्वाइंट पर बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। वहीं प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद नावेद खान का कहना है कि छात्रों को समझाकर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।



