गांधी जयंती पर एएमयू छात्रों ने विश्वविद्यालय रक्तदान अभियान आयोजित किया

महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने कला संकाय में ‘विश्वविद्यालय रक्तदान अभियान’ आयोजित किया। अभियान का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में योगदान देना था।
अभियान में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय समुदाय के सदस्यों को स्वेच्छा से रक्तदान करने तथा जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया गया।
एएमयू के कुलसचिव प्रो. आसिम जफर मुख्य अतिथि थे। कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मोहम्मद रिजवान खान, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. मेहताब आलम अंसारी तथा क्षय रोग एवं वक्ष रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद शमीम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
रक्तदान करने के बाद प्रो. आसिम जफर ने स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दान किया गया रक्त अनमोल जीवन बचाने में सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि रक्त धार्मिक और सामाजिक पहचान से परे है, क्योंकि एक व्यक्ति द्वारा दिया गया रक्त किसी अन्य व्यक्ति का जीवन बचाने में इस्तेमाल किया जा सकता है, चाहे उसकी धार्मिक या सामाजिक पहचान कुछ भी हो।
नियमित रूप से रक्तदान करने वाले प्रो. जफर ने आयोजकों को विश्वविद्यालय में रक्तदान अभियान आयोजित करने के लिए बधाई दी और आशा व्यक्त की कि यह पहल सफल होगी तथा दान किया गया रक्त जरूरतमंद लोगों का जीवन बचाने में उपयोगी साबित होगा।
अभियान का समन्वय पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के शोधार्थी इंजमाम-उल-हक ने किया। आयोजकों ने विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय समुदाय के अन्य सदस्यों से स्वैच्छिक रक्तदान में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक सेवा का माध्यम ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाने में प्रत्यक्ष योगदान भी है।



