जौहर यूनिवर्सिटी छात्र आंदोलन के समर्थन में अलीगढ़ का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा, डॉ. सलमान इम्तियाज ने छात्रों के संघर्ष को सराहा

अलीगढ़, 29 जुलाई मोहम्मद कामरान

अलीगढ़:  एएमयू छात्र संघ पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस नेता डॉ. मोहम्मद सलमान इम्तियाज के नेतृत्व में अलीगढ़ से एक प्रतिनिधिमंडल मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर पहुंचा, जहां चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल होकर प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त की और उनके संघर्ष की सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनके शांतिपूर्ण प्रयासों को सराहनीय बताया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर जहीरुद्दीन से भी हुई। उन्होंने यूनिवर्सिटी से जुड़े कानूनी पहलुओं और वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अलीगढ़ से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे समय में विभिन्न वर्गों की नैतिक सहायता छात्रों और संस्थान दोनों के लिए हौसला बढ़ाने वाली है।

डॉ. सलमान इम्तियाज ने आरोप लगाया कि रामपुर प्रशासन की ओर से अलीगढ़ से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को यूनिवर्सिटी तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और आवागमन सीमित करने का प्रयास हुआ, लेकिन तमाम बाधाओं के बावजूद प्रतिनिधिमंडल यूनिवर्सिटी पहुंचा और छात्रों से मुलाकात की।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल राजनीतिक या संगठनात्मक गतिविधि नहीं, बल्कि एक शैक्षणिक संस्थान के साथ एकजुटता का प्रतीक है।

डॉ. सलमान इम्तियाज ने बताया कि इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी रामपुर पहुंचे। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों से कांग्रेस के कई नेता मौजूद रहे। देश की अलग-अलग केंद्रीय विश्वविद्यालयों के छात्र संघ अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर जौहर यूनिवर्सिटी के छात्रों के समर्थन का ऐलान किया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी के छात्रों का साहस, धैर्य और संघर्ष प्रशंसनीय है। छात्रों ने जिस तरह अपने संस्थान के लिए आवाज उठाई है, वह देश के अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा है।

डॉ. सलमान इम्तियाज ने कहा कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य और उच्च शिक्षा के सपनों का केंद्र है। ऐसे संस्थानों की सुरक्षा और मजबूती समाज के सभी वर्गों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के केंद्र मजबूत होंगे तो समाज भी मजबूत होगा और सभी समस्याओं का समाधान कानून एवं संविधान के दायरे में होना चाहिए।

उन्होंने पूर्व मंत्री आजम खान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में एक ऐसा शिक्षण संस्थान स्थापित किया, जिसकी रक्षा और अस्तित्व के लिए आज विभिन्न धर्मों और वर्गों के लोग सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान धर्म, जाति और राजनीति से ऊपर उठकर समाज की साझा धरोहर होते हैं।

अंत में डॉ. सलमान इम्तियाज ने दुआ की कि अल्लाह आजम खान की शैक्षणिक सेवाओं को स्वीकार करे और उन्हें स्वास्थ्य व सलामती प्रदान करे। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ के छात्र अपनी क्षमता के अनुसार शिक्षा के प्रसार और शैक्षणिक संस्थानों के संरक्षण के लिए सकारात्मक भूमिका निभाते रहेंगे।

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