अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल युवा लेखक, साहित्यकारों की पुस्तक प्रकाशन करेगा : प्रो जसीम मोहम्मद

अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल (ए एल एफ) ने अपना प्रकाशन डिवीज़न, अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल पब्लिकेशन्स’ शरू किया है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के तहत राजा राममोहन राय नेशनल एजेंसी फॉर आईएसबीएन से ISBN सुविधाओं के साथ पुस्तक प्रकाशक के तौर पर रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद यह कदम उठाया गया है।
प्रो जसीम मोहम्मद ने बताया कि, अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल पहला ऐसा संस्था है जो साहित्य कला महोत्सव के साथ साथ बिना किसी फ़ीस के युवा लेखक साहित्यकारों का पुस्तक का प्रकाशन करेगा
प्रबंध न्यासी प्रोफ़ेसर जसीम मोहम्मद कहते हैं, इस पहल का मकसद देश भर के युवा और उभरते लेखकों से पांडुलिपियां मंगाकर उन्हें एक मंच देना है। चुनी गई रचनाएं ए एल एफ पब्लिकेशन्स’ के बैनर तले प्रकाशित की जाएंगी।
अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल के मैनेजिंग ट्रस्टी, प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि इस पहल का मकसद नई साहित्यिक आवाज़ों को बढ़ावा देना और पहली बार लिखने वाले व उभरते लेखकों को एक भरोसेमंद पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म देकर भारत की पढ़ने-लिखने की संस्कृति में योगदान देना है।
प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि इस पहल के ज़रिए चुनी गई किताबों को अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल के अगले एडिशन में भी पेश किया जाएगा और अच्छे पुस्तकों को सम्मानित किया जाएगा, जो दिसंबर 2026 में अलीगढ़ शहर, उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाला है। फेस्टिवल में किताबों पर चर्चा, लेखकों के साथ बातचीत और साहित्यिक सत्र शामिल होंगे, जिससे लेखकों को पाठकों और साहित्यिक समुदाय के सदस्यों से जुड़ने का मौका मिलेगा।
एएल एफ के ट्रस्टी जावेद रहमानी ने कहा कि यह पब्लिशिंग पहल फेस्टिवल के उस बड़े मकसद का हिस्सा है जिसमें साहित्य को बढ़ावा देना, सार्थक साहित्यिक बातचीत को प्रोत्साहित करना और उभरते लेखकों के लिए मौके बनाना शामिल है।
अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल एक साहित्यिक और सांस्कृतिक पहल है, जिसका मकसद लेखकों, विद्वानों, कलाकारों और पाठकों को एक साझा मंच पर लाकर साहित्य, भाषाओं, संस्कृति और बौद्धिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।



